Vande Mataram Bill Pass in RS : राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही अब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण मिल गया है।
नए संशोधन के लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत के सम्मान में बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा भुगतनी पड़ सकती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि यह कदम केवल एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि देश की आत्मा, सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों के प्रति हमारी निष्ठा का प्रतीक है।
1971 के कानून में हुआ बदलाव

यह विधेयक वर्ष 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन करता है। संविधान सभा में 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि ‘वंदे मातरम्’ को ‘जन गण मन’ के बराबर का सम्मान दिया जाएगा। हालांकि, अब तक ऐसा कोई ठोस विधिक प्रावधान मौजूद नहीं था जो राष्ट्रगीत के अनादर को रोक सके।
इस नए कानून के जरिए उसी ऐतिहासिक संकल्प को पूर्ण रूप दिया गया है। विधेयक के प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत गायन में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करना अब सीधे तौर पर दंडनीय अपराध माना जाएगा।
सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में बड़ा कदम
विधेयक के पारित होने पर बीजेपी नेता विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि यह कानून भारत के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने के सरकारी संकल्प को दर्शाता है। जिस जयघोष ने आज़ादी की लड़ाई में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया और त्याग का मार्ग दिखाया, उसके सम्मान की रक्षा करना पूरे देश का सामूहिक कर्तव्य है।
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