तमिलनाडु में 100 करोड़ का भूमि घोटाला; पलानी मुरुगन मंदिर की जमीन का फर्जी रजिस्ट्रेशन, 3 गिरफ्तार

Summary :

तमिलनाडु के पलानी मुरुगन मंदिर की 100 करोड़ रुपये की जमीन महज 2 करोड़ रुपये में अवैध रूप से बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। भारी जन आक्रोश के बाद CB-CID ने कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

Palani Temple Land Scam : देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में वित्तीय गड़बड़ियों की खबरों के बीच अब तमिलनाडु के मशहूर मंदिर से जुड़ा एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। डिंडीगुल जिले के प्रसिद्ध पलानी मुरुगन मंदिर से संबंधित एक मठ की बेहद कीमती जमीन को फर्जी तरीके से निजी नाम पर रजिस्टर करा लिया गया।

मामला सामने आने और जनता के भारी विरोध के बाद हरकत में आई क्राइम ब्रांच-सीआईडी ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की इस 1.4 एकड़ जमीन को महज 2 करोड़ रुपये की मामूली रकम पर ट्रांसफर कर दिया गया था।

136 साल पुराने नियम की अनदेखी

CBCID Palani temple scam

मंदिर की तलहटी में स्थित जिस जमीन को लेकर यह विवाद हुआ है, उसका इस्तेमाल फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग के तौर पर हो रहा था।

6 जुलाई को हुए इस अवैध रजिस्ट्रेशन में वर्ष 1888 के उस स्थायी बंदोबस्ती विलेख (Permanent Endowment Deed) को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जिसके तहत इस जमीन को केवल धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया था।

इस डीड के अनुसार जमीन की कोई व्यावसायिक बिक्री या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता था। यहाँ तक कि हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग की लिखित आपत्तियों को भी दरकिनार कर दिया गया।

मद्रास हाई कोर्ट ने रद्द की रजिस्ट्री

CBCID Palani temple scam

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पलानी के ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन और जिला रजिस्ट्रार शशिकला को पहले ही सस्पेंड कर दिया था। मणिकंदन से सीबी-सीआईडी की टीम 7 घंटे तक पूछताछ भी कर चुकी है। दूसरी ओर, मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए इस फर्जी बिक्री विलेख (Sale Deed) को पूरी तरह अमान्य घोषित कर दिया है।

80 से अधिक लोगों से पूछताछ जारी

स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में बढ़े आक्रोश को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने 15 जुलाई को जांच सीबी-सीआईडी को सौंपी थी। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और अब तक मंदिर के पूर्व अधिकारियों, सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारियों तथा रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मियों समेत 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।