बेंगलुरु में रेस्टोरेंट मालिकों ने Swiggy-Zomato को दी बायकॉट की चेतावनी, जानें क्या है इनकी मांगे

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बेंगलुरु में रेस्टोरेंट मालिकों और ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स जैसे Swiggy और Zomato के बीच विवाद गहरा गया है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 15 अगस्त के बाद वे इन ऐप्स से ऑर्डर लेना और देना बंद कर देंगे।

बेंगलुरु में रेस्टोरेंट मालिकों और ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के बीच विवाद गहरा रहा है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन की तरफ सीधी चेतावनी दी गई है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं की गई, तो 15 अगस्त के बाद Swiggy-Zomoto का न कोई ऑर्डर लेंगे और न कोई ऑर्डर देंगे। बेंगलुरु के करीब 1,000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने स्वतंत्रता दिवस से इन डिलीवरी ऐप से हटने की धमकी दी है और साथ ही बॉयकॉट का ऐलान किया है। आइए जानते हैं कि क्या है रेस्टोरेंट मालिकों की मांग…

क्यों Boycott किया जा रहा है?

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेस्टोरेंट मालिकों का आरोप है कि ये कंपनियां बिना बताए खाने की कीमतें कम कर रही हैं और बहुत ज्यादा कमीशन वसूल रही हैं। इससे उनका मुनाफा लगातार कम हो रहा है, जबकि दुकान का किराया, स्टाफ का खर्च और कच्चे माल जैसी जरुरी चीजों का खर्चा उन्हें अपनी जेब से ही चुकाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने 15 अगस्त से स्विगी-जोमैटो ऐप्स से हटने की धमकी दी है।

बेंगलुरु के रेस्टोरेंट मालिकों की मांगे क्या हैं?

मालिकों का कहना है कि 1 लाख रुपये के बिजनेस में से भारी कमीशन और कटौतियों के बाद उनके पास सिर्फ 40,000 रुपये ही बचते हैं, जिससे काम चलाना मुश्किल हो रहा है। रेस्टोरेंट मालिकों की मुख्य मांगे नीचे दी गई हैं:

  • स्विगी और जोमैटो रेस्टोरेंट मालिकों की सहमति के बिना खाने पर भारी डिस्काउंट न दें।
  • ग्राहकों की शिकायत मिलने पर रेस्टोरेंट के पैसे अपने आप न काटे जाएं।
  • खाना तैयार होने के बाद अगर ऑर्डर कैंसिल होता है, तो उसका नुकसान रेस्टोरेंट को न उठाना पड़े।
  • विज्ञापन शुल्क (Ad Charges) और पेमेंट गेटवे फीस का पूरा हिसाब साफ होना चाह‍िए।

रेस्टोरेंट मालिकों ने किया शहर में बंद का आह्वान

रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि फ़ूड डिलीवरी ऐप के मैनेजमेंट को रेस्टोरेंट प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 15 अगस्त तक कंपनी कोई कदम नहीं उठाती है और संतोषजनक जवाब नहीं देती है, तो वह Boycott करेंगे और इसके साथ ही पूरे शहर में बंद का आह्वान करेंगे।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।