Ramvilas Vedanti Death: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राम विलास वेदांती का सोमवार को 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत और राम भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई।
Leader of Ram Mandir Movement: राम जन्मभूमि आंदोलन से गहरा जुड़ाव
राम विलास वेदांती विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। वे राम जन्मभूमि आंदोलन के अहम चेहरों में से एक थे। इस आंदोलन के दौरान उन्होंने देशभर में कई रैलियों, सभाओं और कार्यक्रमों में भाग लिया। उनकी पहचान एक ओजस्वी वक्ता के रूप में थी, जो अपने जोशीले भाषणों से लोगों को प्रेरित करते थे। राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

Ramvilas Vedanti Death: राजनीतिक सफर और चुनावी जीत
राम विलास वेदांती ने सक्रिय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवार राजकुमारी रत्ना सिंह को 68,460 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। संसद में रहते हुए भी वे धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते थे।
Ram Vilas Vedanti Dies: CM योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम विलास वेदांती के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वेदांती का जाना सनातन धर्म और समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश, धर्म और समाज की सेवा में लगा दिया। उनके अनुसार, वेदांती के निधन से एक युग का अंत हो गया है।

Ram Vilas Vedanti no More: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी राम विलास वेदांती के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वेदांती का जीवन देशभक्ति, संतोष और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उनके अनुसार, भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
भाजपा सांसदों ने दी श्रद्धांजलि
सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने भी वेदांती के निधन को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि वेदांती ने अपना पूरा जीवन राम जन्मभूमि आंदोलन को समर्पित कर दिया था। उन्होंने राम भक्तों को एकजुट करने का काम किया और सत्य व आस्था के पक्ष में हमेशा निडर होकर खड़े रहे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

एक युग का अंत
राम विलास वेदांती का निधन न केवल भाजपा के लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए बड़ी क्षति है, जो राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनका जीवन संघर्ष, आस्था और समर्पण का उदाहरण रहा है। उनके योगदान को भारतीय राजनीति और सामाजिक जीवन में हमेशा याद किया जाएगा।


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