श्रम कानून में संशोधन को लेकर राहुल ने कहा- श्रमिकों के अधिकार को रौंदने की कोशिश अनुचित

Summary :

राहुल ने कहा कि महामारी से लड़ाई के दौरान कुछ राज्यों में मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर उनका शोषण करने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। यह मूलभूत सिद्धांतो का हनन है और इससे समझौता नही किया जा सकता है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) की वजह से देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गयी है। अर्थव्यवस्था को लेकर अनेक चुनौतियां सामने आ रही है। ऐसे समय में सबसे अधिक समस्या मजदूरों को हो रही है। कोरोना संकट के दौरान कई राज्यों में बीते दिनों श्रम कानून में संशोधन किया गया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन के बीच कुछ राज्यों द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन किये जाने को गलत बताते हुए विरोध किया।
उन्होंने कहा कि संकट के  इस समय देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है और किसी को श्रमिकों के मूल अधिकारों को रौंदने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। राहुल ने कहा कि महामारी से लड़ाई के दौरान कुछ राज्यों में मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर उनका शोषण करने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। यह मूलभूत सिद्धांतो का हनन है और इससे समझौता नही किया जा सकता है।

प्रदेश के बाहर फंसे लोगों का सहारा बनकर जिम्मेदारी उठाए बिहार सरकार : चिराग पासवान

कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर कहा कि अनेक राज्यों द्वारा श्रमकानूनों में संशोधन किया जा रहा है। हम कोरोना के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह मानवाधिकारों को रौंदने, असुरक्षित कार्यस्थलों की अनुमति, श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता। इन मूलभूत सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

Desk Team