दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सोमवार शाम को इस्लाम के पवित्र महीने रमज़ान के चांद का दीदार हो गया और पहला रोज़ा मंगलवार को होगा। चांद दिखने के साथ ही देश की अलग-अलग मस्जिदों में रमज़ान के महीने की विशेष नमाज़ ‘तारावाही’ का भी आगाज़ हो गया है। चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि दिल्ली के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम, राजस्थान के जयपुर और अलवर, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बरेली, बिहार के पटना और कई अन्य शहरों में भी रमज़ान के महीने का चांद देखा गया है और पहला रोज़ा मंगलवार को होगा। इस बार रोज़ा करीब 13 घंटे का होगा।
- ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में
- रमज़ान के महीने का चांद देखा गया
- इस्लामी कैलेंडर का मौजूदा महीना शाबान
माह-ए-रमज़ान का चांद नज़र आया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद से संबंधित इमारत-ए-शरीया-हिंद ने भी एक बयान में इस्लामी कलेंडर के नौवें महीने रमज़ान का चांद दिखने की पुष्टि की। बयान के मुताबिक, रमज़ान के महीने की पहली तारीख मंगलवार 12 मार्च होगी। हाल में दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम बनाए गए सैयद शाबान बुखारी ने यहां कहा कि सोमवार को माह-ए-रमज़ान का चांद नज़र आ गया है और “ऐलान किया जाता है कि मंगलवार को रमज़ान-उल-मुबारक की पहली तारीख होगी। इस्लामी कैलेंडर का मौजूदा महीना ‘शाबान’ 29 दिन का रहा है। इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक, महीना 29 या 30 दिन का होता है जो चांद दिखने पर निर्भर करता है।
ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में
रमज़ान का चांद दिखने के बाद अगले दिन से पवित्र महीने का आगाज़ हो जाता है और अगले 30 दिन तक मुस्लिम समुदाय के सदस्य सूरज निकलने से लेकर सूर्यास्त तक कुछ नहीं खाते-पीते हैं। वे ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में लगाते हैं। शाम में मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की जाती है जिसे ‘ताराहवी’ कहा जाता है। इस नमाज़ में पूरे कुरान का पाठ किया जाता है। यह सिलसिला ईद का चांद दिखने तक जारी रहता है। इस बार ईद 10 या 11 अप्रैल को पड़ सकती है। इससे पहले रविवार को सऊदी अरब व कई पश्चिमी देशों ने सोमवार से रमज़ान के महीने की शुरुआत होने का ऐलान किया था। दक्षिण और पूर्वी एशिया के कई देशों में रमज़ान का महीना सऊदी अरब से एक दिन बाद शुरू होता है यानी इन देशों में मंगलवार से पवित्र महीने का आगाज़ होगा।


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