Vande Mataram New Guidelines: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे भारत’ को लेकर नई आधिकारिक गाइडलाइंस जारी की हैं। यह निर्देश 28 जनवरी 2026 को जारी एक औपचारिक सरकारी आदेश के माध्यम से लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गाने और बजाने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं, जैसे पहले से राष्ट्रीय गान के लिए हैं। अब ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला पूरा संस्करण (जो 3 मिनट 10 सेकंड का है) कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
Union Home Ministry Guidelines: कब और कहां गाया जाएगा राष्ट्र गीत

- निर्देशों के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ का आधिकारिक पूर्ण संस्करण, जिसमें छह छंद शामिल हैं और जिसका समय लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है, प्रमुख राज्य समारोहों में प्रस्तुत किया जाएगा।
- इसमें उन आयोजनों को शामिल किया गया है जहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, राष्ट्रपति और राज्यपाल के औपचारिक आगमन और प्रस्थान समारोह होते हैं, और उनके संबोधन से पहले और बाद में।
- यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो राष्ट्रीय गीत पहले गाया या बजाया जाएगा, और इसके दौरान दर्शकों को सम्मान स्वरूप खड़ा होना अनिवार्य होगा।
- गृह मंत्रालय ने स्कूलों और संस्थानों से कहा है कि वे रोज़ाना की सभाओं और खास कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाने को बढ़ावा दें, ताकि छात्रों और जनता में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ सके।
- निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि ‘वंदे मातरम्’ किसी बैंड द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, तो इसे ड्रम रोल या ब्यूगल कॉल के साथ शुरू किया जाना चाहिए, ताकि गान की शुरुआत औपचारिक रूप से संकेतित हो।
Vande Mataram New Rules: ‘वंदे मातरम्’ बजने पर खड़े होने आवश्यक?

साथ ही, मंत्रालय ने सिनेमा हॉल और फिल्म प्रदर्शन के लिए विशेष छूट भी दी है। निर्देश के अनुसार, फिल्म के साउंडट्रैक में ‘वंदे मातरम्’ बजने पर दर्शकों को खड़ा होना आवश्यक नहीं होगा, क्योंकि मनोरंजन स्थल पर खड़े होने के लिए मजबूर करना दर्शकों के अनुभव में बाधा डाल सकता है और भ्रम पैदा कर सकता है।
गीत की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्ता चर्चा में
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय प्रतीकों पर चर्चा बढ़ी है, खासकर ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर। इस अवसर ने गीत की ऐतिहासिक महत्ता, आधुनिक भारत की राष्ट्रीय पहचान में इसके योगदान और इसके समारोहिक पालन को व्यापक बनाने के मुद्दों पर बहस को फिर से जीवित किया है।
Vande Mataram National Song: बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला पूरा गीत

वन्दे मातरम्।
सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम् ।।1।।
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्।
वन्दे मातरम् ।।2।।
कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजैधृत खरकरवाले,
के वॉले मां तुमि अबले,
बहुवलधारिणीं नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीं मातरम्।
वन्दे मातरम् ।।3।।
तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हदि तुमि मर्म,
त्वम् हि प्राणाः शरीरे,
बाहुते तुमि मां शक्ति,
हृदये तुमि मां भक्ति,
तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्।।4।।
त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी,
नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम्,
अमलाम् अतुलाम्, सुजलां सुफलां मातरम्।
वन्दे मातरम्।।5।।
श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीम् भरणीम् मातरम्।
वन्दे मातरम् ।।6।।
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