जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री और पीडीपी नेता सोफी गुलाम मोहिउद्दीन का आज सुबह कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में उनके पैतृक घर में निधन हो गया। वह 67 साल के थे। पीडीपी के एक प्रवक्ता ने बताया कि सोफी ने लंबी बीमारी के बाद आज सुबह पांच बजे अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
सोफी लंबे समय तक अब्दुल गनी लोन के नेतृत्व वाले पीपुल्स कांफ्रेंस से जुड़े रहे और अविभाजित हुरिर्यत कांफ्रेंस के वक्त वह पार्टी की सर्वाेच्च परिषद के सदस्य थे। वर्ष 2002 में निर्दलीय रूप से हंदवाड़ा से विधानसभा चुनाव लडऩे का उनका फैसला र्हुियत में दरार की मुख्य वजह बनी क्योंकि कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पीपुल्स कांफ्रेंस पर अलगाववादी मेलजोल के संविधान का उल्लंघन कर छद्म उम्मीदवार उतारने का आरोप लगाया।
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सोफी 13 निर्दलीय विधायकों के अस्पष्ट गठबंधन का हिस्सा बने जिसने राज्य में मुफ्ती मोहम्मद सईद नीत पीडीपी-कांग्रेस सरकार में शामिल होने के लिए अब समाप्त हो चुके पीपुल्स डेमोक््रऊेटिक फोरम का गठन किया।
वह वन्य एवं पर्यावरण मंत्री थी।
सोफी 2008 में पीडीपी में शामिल हुए लेकिन इसके बाद एक भी चुनाव नहीं जीत पाए। पीडीपी के उपाध्यक्ष मोहम्मद सरताज मदनी ने सोफी के निधन पर शोक प्रकट किया है।


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