Jigar Moradabadi Poetry: जिगर मुरादाबादी के पिटारे से 8 चुनिंदा शेर

Summary :

Jigar Moradabadi Poetry: 8 चुनिंदा शेर जो दिल को भा जाएं…

दिल को सुकून रूह को आराम आ गया 
मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया 

सुब्ह तक हिज्र में क्या जानिए क्या होता है 
शाम ही से मिरे क़ाबू में नहीं दिल मेरा

निगाहों का मरकज़ बना जा रहा हूं
मोहब्बत के हाथों लुटा जा रहा हूं

नज़र मिला के मिरे पास आ के लूट लिया 
नज़र हटी थी कि फिर मुस्कुरा के लूट लिया 

ब-ज़ाहिर कुछ नहीं कहते मगर इरशाद होता है 
हम उस के हैं जो हम पर हर तरह बर्बाद होता है

कुछ खटकता तो है पहलू में मिरे रह रह कर 
अब ख़ुदा जाने तिरी याद है या दिल मेरा

इश्क़ की चोट दिखाने में कहीं आती है 
कुछ इशारे थे कि जो लफ़्ज़-ओ-बयां तक पहुंचे

जिस दिल को तुम ने लुत्फ़ से अपना बना लिया 
उस दिल में इक छुपा हुआ नश्तर ज़रूर था

दाग़ दुनिया ने दिए ज़ख़्म ज़माने से मिले 
हम को तोहफ़े ये तुम्हें दोस्त बनाने से मिले

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।