How to Help Children Succeed in Exams: हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा करियर में खूब आगे बढ़ें और सफलता हासिल करें। लेकिन बिना कॉम्पिटिटिव एग्जाम पास किए किसी भी फील्ड में आगे बढ़ना मुश्किल है। कॉलेज में दाखिला हो या नौकरी, हर जगह भारी कॉम्पिटिशन है। इतना कॉम्पिटिशन देखकर बच्चे अक्सर घबरा जाते हैं। ऐसे में पेरेंट्स का फर्ज है कि वे बच्चे को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाएं। अगर आपका बच्चा भी किसी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे बच्चों के पेरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स

1. घर का माहौल खुशनुमा बनाएं
हमारे आसपास का माहौल हमारे दिमाग पर बहुत असर डालता है। अगर आप चाहते हैं कि बच्चा परीक्षा में सफल हो, तो घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें। घर का माहौल जितना अच्छा होगा, बच्चा उतने ही ध्यान से पढ़ाई कर सकेगा। तनाव कम रहेगा तो पढ़ाई में मन भी लगेगा। ध्यान बढ़ाने के लिए बच्चे को मेडिटेशन कराएं। आप घर में तनाव कम करने वाले पौधे भी लगा सकते हैं।
2. बच्चों के खाने-पीने का ध्यान रखें

बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से तभी मजबूत बनेगा जब वह पूरी तरह सेहतमंद होगा। इसके लिए बच्चे के खाने में सभी जरूरी पोषक तत्व होने चाहिए। पेरेंट्स को ध्यान देना चाहिए कि बच्चे को सही मात्रा में विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स मिलें। बच्चे को पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें और रोज एक्सरसाइज या योगा कराएं। योगा करने से दिमाग शांत रहता है और पढ़ाई में मन आसानी से लगता है।
3. बच्चों से बात करते रहें
परीक्षा की तैयारी के दौरान बच्चे अक्सर परेशान हो जाते हैं और असफलता के डर से घबराने लगते हैं। सही सलाह न मिलने पर वे स्ट्रेस के शिकार हो जाते हैं। इससे बचने के लिए बच्चे से उसके करियर और पढ़ाई पर खुलकर बात करें। जब भी वह किसी बात को लेकर परेशान हो, तो उसे सही गाइडेंस दें और उसकी उलझन दूर करें।
4. बच्चों की तुलना दूसरों से न करें
हर बच्चे की अपनी खासियत और सीखने की स्किल होती है। अक्सर माता पिता अपने बच्चे की तुलना उसके दोस्तों या रिश्तेदारों से करने लगते हैं, जिससे बच्चे पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है। इससे उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है। इसके बजाय बच्चे की छोटी-छोटी सफलताओं की तारीफ करें और उसे खुद से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करें।
5. पर्याप्त नींद लेने दें
परीक्षा की तैयारी के चक्कर में कई बच्चे रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते हैं, जिससे उनके शरीर और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। पर्याप्त नींद न मिलने से याददाश्त कमजोर होती है और पढ़ाई में मन नहीं लगता। माता-पिता को यह जरूर देखना चाहिए कि बच्चा हर रात कम से कम सात से आठ घंटे की गहरी नींद ले, जिससे उसका दिमाग तरोताजा रहे।



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