Madhya Pradesh School Children Dam Video : भारत में आज भी दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा पाना टेढ़ी खीर से कम नहीं। कई कई जगहों में छात्रों को अपने स्कूल जाने के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से सामने आया है। यहां से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जहां कारुआ गाँव के बच्चे रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँच रहे हैं।
क्या है मामला
पालोह के हाई स्कूल तक जाने के लिए ये छात्र बेतवा नदी के उफान पर बने एक बेहद संकरे बाँध को पार करते हैं। लगभग 8 से 10 किलोमीटर के लंबे रास्ते से बचने के लिए बच्चे तेज़ बहते पानी के बीच संतुलन बनाते हुए नदी पार करने को मजबूर हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे खतरा मोल लेकर नदी पार कर रहे हैं, जहां वे नदी के बीचोंबीच लगे पिल्लरों पर कूद कर पार कर रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में बेतवा नदी के स्टॉप डैम पर बीच छलांग लगाकर स्कूल जा रहे यह बच्चे सिर्फ शॉर्टकट के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं
मजबूरी यह थी कि सड़क मार्ग से स्कूल जाने पर आठ से दस किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि स्टॉप डैम पार करने पर दूरी महज डेढ़… pic.twitter.com/sFxJpUBUDV— The News Basket (@thenewsbasket) August 4, 2026
4-5 साल से जारी है यह खतरनाक सफर
छात्रों का कहना है कि वे पिछले चार-पांच सालों से इसी तरह नदी पार करके स्कूल आ-जा रहे हैं। मुख्य सड़क मार्ग से जाने पर उन्हें 8 से 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे बचने का कोई दूसरा आसान साधन उनके पास नहीं था।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
मामला तूल पकड़ते ही विदिशा के एसडीएम (SDM) क्षितिज शर्मा ने स्वीकार किया कि बच्चे खतरे के बीच यह रास्ता अपना रहे हैं। उन्होंने राहत और समाधान के लिए कुछ कदम उठाने की बात कही है:
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साइकिल वितरण: प्रभावित बच्चों को जल्द साइकिलें दी जाएँगी ताकि वे सुरक्षित, भले ही लंबे रास्ते से स्कूल जा सकें।
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अस्थायी पुल: बेतवा नदी पर एक अस्थायी पुल (Temporary Bridge) बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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नया स्कूल: गाँव के पास ही नया स्कूल खोलने पर विचार चल रहा है ताकि बच्चों को दूर न जाना पड़े।
हलांकि यह आश्वासन तब दिए गए हैं जब यह वीडियो ऑनलाइन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लोगों ने इस वीडियो पर कमेंट किए और सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
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