Fake Currency Racket Busted in Gujrat: आश्रम विस्तार के लिए रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि प्रदीप जोटांगिया अपने आश्रम को बड़ा करना चाहता था और इसके लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था। पिछले एक साल से वह दान और प्रचार के जरिए फंड इकट्ठा करने में जुटा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नकली नोट छापने की योजना बनाई।
चीन से मंगवाए गए खास कागज
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में शामिल एक आरोपी मुकुल उर्फ मुकेश नकली नोट छापने का काम संभाल रहा था। उसने चीन से ऐसे विशेष कागज मंगवाए थे, जो असली नोटों की तरह दिखते थे। इन्हीं कागजों पर प्रिंटिंग कर नकली करेंसी तैयार की जाती थी, जिससे नोट पहली नजर में असली जैसे लगते थे।
आरोपियों ने नकली नोटों को बाजार में खपाने के लिए अहमदाबाद के एक व्यक्ति से सौदा तय किया था। इस डील के तहत 3 लाख रुपये की नकली करेंसी के बदले 1 लाख रुपये असली लिए जाते। पुलिस के अनुसार, इससे पहले गिरोह करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बाजार में चला चुका था।
Fake Currency Racket Busted: सौदे से पहले ही दबोचे गए आरोपी

बताया जा रहा है कि आरोपी सूरत से अहमदाबाद करीब 2 करोड़ रुपये की नकली करेंसी का सौदा करने पहुंचे थे। हालांकि, सौदा पूरा होने से पहले ही पुलिस को सूचना मिल गई और क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांगी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का खुलासा हो सकता है। साथ ही फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
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