एनएचआरसी की एक जांच समिति ने रविवार को लगातार दूसरे दिन कथित मुठभेड़ में एक युवा पशु चिकित्सक से गैंगरेप और उसकी हत्या के चार आरोपियों के पुलिस के हाथों मारे जाने की घटना की जांच जारी रखी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के परिजनों को नारायणपेट जिले से शहर लाया गया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम के अपनी जांच के तहत उनका बयान दर्ज करने की संभावना है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “एनएचआरसी टीम की जांच जारी है।” शुक्रवार तड़के हुई ‘मुठभेड़’ को लेकर पुलिस की कार्रवाई के बारे में बहस छिड़ने के एक दिन बाद आयोग ने तथ्य का पता लगाने के लिये एक टीम को भेजा था। टीम ने शनिवार को महबूबनगर जिले के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर का दौरा किया था, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद चारों आरोपियों के शवों को रखा गया है।
एनएचआरसी टीम में फॉरेंसिक मेडिसिन के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीम ने शवों का परीक्षण किया और यहां से 50 किलोमीटर दूर चट्टनपल्ली गांव का भी दौरा किया, जहां 28 नवंबर को एक पुलिया के नीचे से महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था। टीम ने पास में ही स्थित मुठभेड़ स्थल का भी दौरा किया था। शुक्रवार को ‘मुठभेड़’ में चार आरोपियों के मारे जाने का संज्ञान लेते हुए आयोग ने घटना की जांच के आदेश दिये थे।
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एनएचआरसी ने कहा था कि मुठभेड़ चिंता का विषय है और उसकी सावधानी से जांच किये जाने की आवश्यकता है। इसके बाद घटनास्थल पर जाकर मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिये सात सदस्यीय एक दल को तैनात किया गया था। चारों आरोपियों के शवों का महबूबनगर के सरकारी जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया गया है और उसकी वीडियोग्राफी की गई।
इस बीच, तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को निर्देश दिया था कि वह चारों आरोपियों के शवों को नौ दिसंबर की रात आठ बजे तक सुरक्षित रखे। अदालत सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी। चारों आरोपियों को 29 नवंबर को 25 वर्षीय पशु चिकित्सक से बलात्कार करने और उसकी हत्या करने तथा बाद में उसके शव को जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।


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