पश्चिम बंगाल के जोका स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान-कलकत्ता (आईआईएम-सी) के हॉस्टल में हुए कथित दुष्कर्म मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. कोलकाता पुलिस ने 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई है. एक छात्रा ने आईआईएम कॉलेज के छात्र पर हॉस्टल में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी टीम में मेडिकल से जुड़े अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की शुरुआती कोशिश पीड़िता और उसके पिता के विरोधाभासी बयानों के बीच सच्चाई स्पष्ट करने की होगी.
पीड़िता ने अपने बयान में क्या कहा?
पीड़िता ने अपने बयान में दावा किया, “आईआईएम-सी के सेकेंड ईयर छात्र ने शुक्रवार शाम उसे काउंसलिंग के बहाने बॉयज हॉस्टल बुलाया. वहां उसने पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक दी, जिनमें कथित रूप से नशीले पदार्थ मिले थे.” पीड़िता का कहना है कि इनका सेवन करने के बाद वह बेहोश हो गई और इसी अवस्था में आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया.
क्या बोले पीड़िता के पिता?
इसके उलट, पीड़िता के पिता ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा था, “बेटी एक वाहन से उतरते समय गिर गई थी, जिससे वह बेहोश हो गई.” पिता अपनी बात पर उस समय भी अडिग रहे, जब शनिवार को कोलकाता की एक अदालत ने आरोपी छात्र को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा. एसआईटी आईआईएम-सी में सुरक्षा प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन की भी जांच करेगी, जहां पीड़िता विजिटर बुक में अपना नाम दर्ज कराए बिना ही लड़कों के हॉस्टल में घुसी थी.
क्या बोली पुलिस?
जोका परिसर के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन की पुलिस ने पहले ही आईआईएम-सी अधिकारियों को एक पत्र भेजकर सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने की मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा था. पुलिस ने यह भी पूछा कि क्या घटना वाली शाम को सुरक्षा प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन हुआ था? शनिवार को आईआईएम-सी अधिकारियों ने कहा कि चूंकि मामले की जांच चल रही है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.


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