अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) द्वारा महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना के प्रचार के लिए लगाए गए विज्ञापन पोस्टर से ‘मुख्यमंत्री’ शब्द नदारद रहा।उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पिछले महीने विधानसभा में अपने बजट भाषण में ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना की घोषणा की थी। पवार एकनाथ शिंदे सरकार में वित्त मंत्री भी हैं।
ये पोस्टर सोमवार को पवार के जन्मदिन के अवसर पर अहमदनगर जिले के पारनेर, अहमदनगर, श्रीगोंडा और कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्रों के उनके दौरे के दौरान लगाए गए थे।चारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में पवार ने महिलाओं को संबोधित किया और योजना का उल्लेख ‘माझी लाडकी बहिन’ के रूप में किया गया, जबकि ‘मुख्यमंत्री’ शब्द का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
आपको बता दें कि, एनसीपी पिछले साल तब विभाजित हो गई जब अजित पवार के नेतृत्व में कुछ एनसीपी विधायक सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और बीजेपी की गठबंधन सरकार में शामिल हो गए। तब एनसीपी के 39 विधायक भी अजित दादा के साथ आ गए।
लोकसभा चुनाव 2024 में अजित पवार की एनसीपी ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा और केवल एक पर जीत मिली, जबकि एनसीपी (शरद पवार) ने दस सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और 8 पर जीत हासिल की। महायुति गठबंधन को महाराष्ट्र की कुल 48 में से 17 सीटों पर ही जीत नसीब हुई, जिसमें बीजेपी को 9 सीटें और शिवसेना को 7 सीटें मिलीं। लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन काफी खराब रहा। महाराष्ट्र में बीजेपी ने 2019 में 23 लोकसभा सीटें जीती थीं, जो इस बार सिर्फ 9 पर सिमट गईं।


Download Android App
Download iOS App



