लुधियाना : सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1984 सिख विरोधी दंगे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एवं आम आदमी पार्टी के हलका दाखा से विधायक एचएस फुलका ने स्वागत किया है।
फुलका ने कहा कि दंगों के 34 साल बाद अब फिर से नया अध्याय शुरू हुआ है और पीडि़तों को न्याय मिलना तय है। इससे यह भी साबित हो गया है कि सुप्रीम कोर्ट 84 के दंगों को लेकर काफी गंभीर है। फुलका शनिवार को सीबिया मीडिया सेंटर में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
फुलका ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत के बयान पर भी हैरानगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा कि 84 के दंगों में कांग्रेस का कोई हाथ नहीं था। फुलका ने चुनौती दी कि इस संबंध में वे सबूत पेश करने को तैयार हैं और राणा गुरजीत इस मुद्दे पर उनसे कहीं भी डिबेट कर सकते हैं। फुलका ने आरोप लगाया कि 1984 के सिख दंगों में केंद्र सरकार की मिलीभगत थी और कई नेताओं ने दंगों में सक्रिय भूमिका निभाई।
फुलका ने कहा कि एसआईटी की जांच में कई कांग्रेसी नेता फंस सकते हैं। दंगों के दोषियों को सजा दिलाने तक उनकी सक्रियता जारी रहेगी। फुलका ने कहा कि यदि सिख दंगों के आरोपियों को सजा हो जाती तो 1993 के मुंबई और 2002 के गुजरात दंगे न होते। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
– सुनीलराय कामरेड
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