लुधियाना-फरीदकोट : डेरा सच्चा सौदा की 45 सदस्यीय कमेटी में वरिष्ठ सदस्य की भूमिका में रहे डेरा प्रेमी महिंद्रपाल बिटटू, जिनकी हाल ही में नाभा जेल के अंदर 2 सजायाफता कै दियों द्वारा हत्या कर दी गई थी, उसी के संबंध में पंजाब सरकार द्वारा बरगाड़ी बेअदबी व कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही विशेष जांच कमेटी ‘सिट’ के प्रमुख सदस्य व आइजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि डेरा प्रेमी महिंदर पाल बिट्टू की हत्या से कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच को एक बड़ा झटका लगा है। इसी मामले में बिट्टू से पूछताछ करने की तैयारी की जा रही थी।
कुंवर ने कहा कि हाल ही में हरियाणा जेल के अधिकारियों से एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें उन्होंने ‘सिट’ को रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख राम रहीम की जांच की अनुमति दे दी थी। उसकी जांच करने के लिए जाने से पहले ‘सिट’ ने इसी सप्ताह नाभा जेल में बिट्टू को जांच में शामिल करने का फैसला किया था, लेकिन इससे पहले ही उनका कत्ल हो गया।
‘सिट’ को बिट्टू को जांच में शामिल करने से इन घटनाओं से तथाकथित डेरा सिरसा के अनुयायियों के लिंक का सुराग मिलने की उम्मीद थी, जिसके आधार पर डेरा प्रमुख से सवाल पूछे जाने थे। आइजी ने कहा कि इस पहलू को बिट्टू की हत्या मामले की जांच कर रही टीम के साथ भी साझा किया गया है।
स्मरण रहे कि आइजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में ‘सिट’ ने 27 मई, 2019 को कोटकपूरा गोलीकांड मामले में फरीदकोट अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि रोहतक जेल अधिकारियों के असहयोग के कारण उनकी टीम 2 अप्रैल, 2019 को गुरमीत राम रहीम से पूछताछ नहीं कर सकी थी। चार्जशीट में यह भी जानकारी दी गई थी कि रोहतक के डिप्टी कमिश्नर, जेल अधीक्षक समेत अन्य उच्च जेल अधिकारियों ने जानबूझकर कर डेरा प्रमुख से जांच करने संबंधी फरीदकोट अदालत द्वारा दिए आदेश की अवहेलना की गई थी।
सुनीलराय कामरेड


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