लुधियाना- श्री मुक्तसर साहिब : किसानी और जवानी को बचाने के लिए खसखस (अफीम के बीज) की खेती जरूरी है। ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले कुछ ही समय में पंजाब बर्बाद हो जाएगा। सरकारों ने पंजाब को मौत का कुआं बनाकर रख दिया है। पंजाब को बचाने के लिए गेहूं के साथ ही खसखस की भी बिजाई शुरू करेंगे। फिर भले कैप्टन आ जाएं या कोई और वह नहीं रुकेंगे। यह बात पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने श्री मुक्तसर साहिब की अनाज मंडी में सामाजिक परिवर्तन रैली में कही।
गांधी ने कहा, बगावत इजाजत नहीं मांगती। 15 साल से वे करीब-करीब हर घर से मां की चीखें सुन रहे हैं, जिनके बच्चे मेडिकल नशे ने छीन लिए हैं। पुलिस ने पहले आतंकवाद के नाम पर लोगों को लूटा और अब एनडीपीएस एक्ट आ गया है। इससे पुलिस खूब कमाई कर रही है। 25 हजार युवक इन्हीं केसों में जेल में बंद हैं। अफीम खाने वालों को अपराधी कहा जा रहा है। वह अपराधी नहीं बीमार हैं। अब नेताओं ने इसे बिजनेस बना लिया है। मेडिकल नशा बेचकर अरबों रुपये कमा रहे हैं। नशा खत्म करने की अकालियों और कांग्रेसियों की नीयत नहीं है। वे शवों पर राजनीति कर रहे हैं।
स्टेज से जमीन पर फेंके खसखस के बीज
सांसद गांधी ने स्टेज से खसखस के बीज जमीन पर फेंके। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले अफीम की खेती की मंजूरी लेकर रहेंगे। अकाली और कांग्रेसी उनकी बात से सहमत हैं, लेकिन कुछ वे कुछ बोल नहीं सकते। इस दौरान इंसाफ टीम के जगमीत सिंह जग्गा, पंजाब मंच के फाउंडर सदस्य हरमीत कौर बराड़ भी मौजूद थे।
नशा करने वाले को 35 पौधे लगाने की दी जाए अनुमति
सरकार को हर व्यक्ति को जो नशा करता है, उसे पांच से 35 पौधे अपने घर में लगाने की अनुमति देनी चाहिए। ऐसा प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया गया है। प्रस्ताव पर बहस होनी बाकी है।


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