पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं गुरदासपुर से सांसद सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वह देश के लोगों से माफी मांगे क्योंकि केंद, सरकार अपने वादे के मुताबिक लोगों को रोजगार मुहैया कराने में नाकाम रही है।
उन्होंने कहा कि देश में रोजगार के साधन नहीं होने के कारण इन भारतीयों को ईराक जैसे अशांत इलाके में जाना पड़। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय दूतावास समय पर इन भारतीयों को ईराक में मदद करती तो इन लोगों की जान बचाई जा सकती थी लेकिन मोदी सरकार ने इन गरीब लोगों को इनकी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया था।
श्री जाखड़ पंजाब के अन्य सांसदों के साथ आज संसद भवन के बाहर रोष प्रदर्शन कर रहे थे। उनके साथ संतोष चौधरी और रवनीत सिंह बिटू भी थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि संसद की व्यवस्था संविधान में देश की समस्याओं पर आपसी विचार चर्चा करके उनका हल निकालने के लिये की गयी, लेकिन मोदी सरकार ने संसद को ठप करके इसे हाइड पार्क बना कर रख दिया है। यहां रोष प्रदर्शन तो किया जाता है, पर कोई सार्थक चर्चा नहीं हो रही है।
श्री जाखड़ ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन ईराक में मारे गए लोगों के परिवारों की पीड़ केंद, सरकार के कानों तक पहुंचाने के लिए करना पड़। पीड़ति परिवारों की मदद करना केंद, सरकार की जिम्मेदारी बनती है। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने अपने नागरिकों के दर्द को समझते हुये पीड़ति परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता और नौकरी देने की घोषणा की थी। केंद, सरकार को भी इनकी सहायता के लिए आगे आना चाहिये था।
श्री जाखड़ ने कहा कि यदि गरीब मजदूरों को रोजी-रोटी की खातिर ऐसे देशों में जाना पड़ रहा है जहां अशांति का माहौल है तो यह बात केंद, सरकार के लिए ज्यादा चिंता का विषय है। मोदी सरकार ने वादा किया था कि हर साल दो करोड़ नौकरियां दी जायेंगी।
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