पंजाब कांग्रेस का बड़ दलित चेहरा रहे पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। वह पंजाब एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन के चेयरमैन थे। करीब पचास साल बाद श्री मान ने कांग्रेस को बाय बाय कह दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे भावुक पत्र में कहा कि वह फगवाडा से तीन बार विधायक रहे तथा बेअंत सिंह सरकार,हरचरन सिंह सरकार,राजिंदर कौर भट्टल सरकार और अमरिंदर सरकार में मंत्री रहे।
उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि वह मरेंगे तो उनका पार्थिव देह तिरंगे में लपेटा जायेगा लेकिन जिस तरह पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम को लेकर कांग्रेस में जो हुआ उससे मेरी अंतरआत्मा पार्टी में रहने की इजाजत नहीं देती। कैप्टन अमरिंदर सिंह,नवजोत सिद्धू जैसे राजे महाराजे, धनाड्य और अवसरवादी नेता जब से कांग्रेस में आये,उन्होंने अपने निहित स्वार्थों के लिये पार्टी का इस्तेमाल किया और पार्टी के सिद्धांत और मूल्य हाशिये पर चले गये। बस सबका एक ही मूल मंत्र रह गया कि किस तरह चुनाव जीतकर सत्ता को हथियाया जाये।
उन्होंने कहा कि लाखों एससी छात्रों के कैरियर तबाह हो गये हैं क्योंकि उनका पैसा न मिलने से दाखिला तक नहीं मिला। दोषियों को कोई सजा तक नहीं। कांग्रेस ऐसे नेताओं को संरक्षण देती रही।
मान ने कहा कि पिछले कुछ सालों में कांग्रेस बाल्मिकी या मजहबी सिख समुदाय के साथे सौतेला व्यवहार कर रही है। पार्टी ने इस समुदाय को अपना वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया। ऐसी बहुत सी शिकायतें हैं जिन्हें न तो सरकार ने सुना और न ही लोगों की समस्याओं को हल किया। ऐसे हालात में मेरा मन व्यथित हो गया है जिस कारण ये फैसला लेने को मजबूर होना पड़ है।


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