पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस के अंदर जारी रस्साकशी के बीच आप और शिअद सहित विपक्षी दलों ने शुक्रवार को अमरिंदर सिंह नीत सरकार से कहा कि वह विधानसभा के अंदर बहुमत साबित करे।
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में यहां राज्यपाल से मिला और दावा किया कि कांग्रेस सरकार ‘‘अल्पमत’’ में है।
समूह ने मांग की कि राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाए और मुख्यमंत्री को निर्देश दिया जाए कि सदन के अंदर वह अपनी सरकार का बहुमत साबित करें।
आप की तरफ से जारी बयान के अनुसार, पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर अमरिंदर सिंह अगले सात दिनों में सरकार का बहुमत साबित करने से बचते हैं तो विधानसभा को तुरंत भंग किया जाना चाहिए।
117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं।
विपक्ष ने यह मांग ऐसे समय में की है जब अमरिंदर सिंह और राज्य कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी तनातनी के कारण पंजाब कांग्रेस संकटों में घिरी हुई है।
चीमा ने कहा कि कुछ मंत्रियों और विधायकों ने खुलेआम मुख्यमंत्री के खिलाफ विद्रोह कर दिया है और अमरिंदर सिंह ने अपने मंत्रियों, विधायकों और पंजाब के लोगों का विश्वास खो दिया है।
मोगा के बाघापुराना में एक सभा को संबोधित करते हुए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अमरिंदर सिंह नीत सरकार से बहुमत साबित करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री को विधानसभा के आगामी सत्र में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उन्होंने अपने अधिकतर मंत्रियों और विधायकों का ‘‘विश्वास खो दिया है’’ और ‘‘उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।’’


Download Android App
Download iOS App



