सिखों ने याद करके मनाई शेरे पंजाब रंजीत सिंह की बरसी

Summary :

देश और समाज के लिए उत्कुष्ट करने वाले इतिहासिक शख्सियतें ही असल में जिंदा कौम के लिए बहुमूल्य दरोहर होती है।

लुधियाना-अमृतसर : देश और समाज के लिए उत्कुष्ट करने वाले इतिहासिक शख्सियतें ही असल में जिंदा कौम के लिए बहुमूल्य दरोहर होती है। उनके द्वारा किए गए लोकभलाई के कार्यो को याद करके वर्तमान में उन्हें जिंदा रखते हुए प्रेरणा ली जा सकती है। ऐसी ही शख्सियत के मालिक थे, महाराजा रंजीत सिंह, जिन्हें सिख कौम विशेषकर भारत के लोगों के लिए नाज है। आज शेरे पंजाब महाराज रंजीत सिंह की वार्षिक बरसी सचखंड श्री दरबार साहिब से संबंधित गुरूद्वारा मंजी साहिब दीवान हाल में शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी, धर्म प्रचार कमेटी और श्री दरबार साहिब के प्रबंधों समेत अन्य सिख जत्थेबंदियों ने सांझे तौर पर मनाई। 
श्री अखंड पाठ के भोग के अवसर पर कीर्तन श्री दरबार साहिब के हुजूरी रागी भाई राय सिंह ने की और अरदास भाई प्रेम सिंह द्वारा की गई। शेरे पंजाब महाराजा रंजीत सिंह की बरसी मनाते वक्त हुकमनामा और कथा गुरूद्वारा मंजी साहिब के कथावाचक भाई हरमितर सिंह  द्वारा की गई। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के प्रबंधकों समेत कई सिख शख्सियतें और संगत उपस्थित थी।
– सुनीलराय कामरेड

Shera Rajput