केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में ‘रेल रोको आंदोलन’ शुरू किया है। एक अक्टूबर से शुरू हुए इस आंदोलन के चलते राज्य में ट्रेनों की आवाजाही बंद है। पंजाब की इस स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार करार देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि वह किसानों को बातचीत के जरिये समझाने तथा आंदोलनकारी किसानों से पटरी खाली कराने में विफल रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पंजाब में 32 स्थानों पर अभी भी रेलों की आवाजाही ठप है क्योंकि पटरियां खाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश हित में रेल सेवा शुरू करना चाहती है लेकिन कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है जिसमें वह पूरी तरह विफल रही है। ट्रेनों तथा उन्हें चलाने वाले लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
उनसे पूछा गया था कि पंजाब सरकार ने राज्य में ट्रेनों के ठप होने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसके विरोध में आज राजधानी में सांकेतिक धरना भी दिया है। जावड़ेकर ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी किसी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रही है और राज्य को उसके कोटे की बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य और अनाज मंडियों के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे लेकिन वास्तविकता यह है कि एमएसपी पर खरीद हो रही है और राज्य में किसानों ने अब तक 158 लाख टन धान बेचा है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी पर खरीद जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के नहीं चलने से सेना को सर्दी के मौसम में सैन्य साजो सामान भेजे जाने में भी दिक्कत हो रही है इसलिए राज्य सरकार को अपनी जिम्मेदारी निर्वहन करते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति कायम करनी चाहिए जिससे ट्रेनों का आवागमन हो सके।


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