कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राज्य में कानून व्यवस्था के कथित बदतर हालात के लिए वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सरकार का इकबाल खत्म हो गया और राज्य में चोर, लुटेरों, डकैतों तथा समाजकंटकों का बोलबाला है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने राजधानी जयपुर व राज्य के अन्य इलाकों में हाल ही में हुई चोरी, डकैती, बलात्कार की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा, ”सरकार का इकबाल खत्म हो गया है, जब सरकार में विश्वास खत्म होता है तो चोरों, लुटेरों और डकैतों को शह मिलती है।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे (कानून व्यवस्था के बदतर) हालात के बावजूद मुख्यमंत्री गौरव यात्रा निकाल रही हैं जबकि उन्हें तो माफीनामा यात्रा निकालनी चाहिए। गहलोत ने एक बार फिर कहा कि वसुंधरा की मौजूदा गौरव यात्रा उनकी ‘विदाई यात्रा’ साबित होगी।
जनता की अपेक्षा व आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी राजे सरकार
गहलोत ने कहा, ”वसुंधरा राजे सरकार जनता की अपेक्षा व आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।” उन्होंने कहा कि राजे सरकार ने राज्य में विकास और जनता की भलाई के लिए प्रयास ही नहीं किए, जोकि अपराध है। उन्होंने राजे पर ‘जनादेश व जनता को धोखा और झांसा देकर शासन करने’ का आरोप लगाया।
गहलोत कहा कि राजे सरकार में पूरा प्रशासन ‘मुख्यमंत्री के चहेते कुछेक अधिकारियों के हवाले रहा’ और जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये इवेंट मैनेजमेंट पर खर्च कर दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की कुछ महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप भी राजे पर लगाया और कहा कि अपने समूचे कार्यकाल में इस सरकार का ध्यान आईटी, उर्जा, खनन व लोक निर्माण जैसे कुछ ही ‘मलाई वाले’ क्षेत्रों पर केंद्रित रहा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजस्थान में बीते 28 में से 18 साल तो भाजपा का राज रहा है इसलिए बीते 50 साल या 40 साल में विकास के लिए कांग्रेस पर निशाना साधना बंद करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास तथा आधुनिक राजस्थान के विकास में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि ‘राजस्थान रिसर्जेंट’ जैसे कार्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन यह कोई नहीं बता रहा कि इससे कितना निवेश राज्य को मिला। उल्लेखनीय है कि राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।


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