राजस्थान में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सीएम गहलोत का बयान, सभी को साथ मिलकर करना होगा कार्य

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में पर्यटन को प्रमोट करने के लिए कहा है कि, सभी को साथ मिलकर कार्य करने का जरूरत है

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में पर्यटन को प्रमोट करने के लिए कहा है कि, सभी को साथ मिलकर कार्य करने का जरूरत है। गहलोत ने कल शाम माउंटू आबू में शरद महोत्सव के वर्चुअल उदघाटन करते हुए कहा कि, राज्य में पर्यटन विकास को पांच सौ करोड़ की राशि आवंटित की गई है। जिसके तहत तीन सौ करोड़ से सामान्य संसाधन एवं दो सौ करोड़ से धार्मिक पर्यटन का विकास होगा। उन्होंने कहा कि, यहां हिल स्टेशन भी है डेजर्ट भी है यहां की भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अपने आप में अहम ह्मोत है। पर्वतीय पर्यटन स्थलमाउंट आबू के वाशिंदों के भवन मरम्मत, नवीनीकरण व नवनिर्माण की अहम समस्या के समाधान को बिलि्डंग बॉयलॉज के सरलीकरण किया जाएगा। जिससे नागरिकों को राहत मिले।
माउंट आबू के लिए आवंटित की गई 25 करोड़ की राशि
सीएम ने  उदघाटन  समारोह में कहा, यहां की लाईफ लाईन बहुप्रतीक्षित सालगांव बांध परियोजना के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है। जिससे नागरिकों, पर्यटकों की पेयजल समस्या एवं वनसंपदा, वन्यजीवों से लेकर बांध से रिसने वाले पानी से तराई क्षेत्र की सिंचाई से भी लोग लाभान्वित हो सकेंगे। गहलोत ने कहा कि, कोरोना काल में राजस्व प्राप्ति में करीब 75 फीसदी की कमी आने के बावजूद भी प्रदेश में विकास कार्यों को निरंतर नए आयाम दिए जा रहे हैं। जिसमें सिरोही जिले में मेडिकल कॉलेज, टाउन हॉल, शिवगंज में जिला अस्पताल, बतीसा नाला बांध जैसी कई अहम योजनाओं पर कार्य हुआ है। माउंट आबू के विकास के लिए अलग से 25 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। माउंट आबू में विशेषकर गुजरात का पर्यटक आता है। जबकि राजस्थान के लोगों की उपस्थिति बहुत ही कम है। जिसे देखते हुए राजस्थान वासियों को भी माउंट आबू जाने को आकर्षित किया जाना चाहिए।
महात्मा गांधी की मूर्ति एव पुस्तकालय का किया अनावरण
इस अवसर पर वर्चुअल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नक्की झील स्थित गांधी वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति, महात्मा गांधी पुस्तकालय का अनावरण एवं किचन गार्डन पार्किंग का शिलान्यास करते हुए कहा कि, माउंट आबू के विकास के लिए आबू विकास समिति की बैठक लंबे समय से लंबित चली आ रही है। उनके पूरे कार्यकाल में माउंट आबू में समिति की बैठक आहूत की गई थी। उन्होंने कहा कि, इसके बाद पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी बैठक आयोजित की थी लेकिन पिछले कोरोना काल की वजह से यह बैठक नहीं हो सकी। बैठक को निरंतर हर वर्ष आयोजित करने के लिए मसौदा तैयार किया जाएगा। माउंट आबू अथवा जयपुर में आहूत किए जाने पर बल दिया।

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