राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि राज्य की लगभग सभी 25 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के नाम को लेकर कांग्रेस के नेताओं में ”सर्वसम्मति” है और उनकी पार्टी राज्य में अपना ”अभियान 25” पूरा करेगी। राजस्थान कांग्रेस प्रमुख ने जोर दिया कि लोकसभा चुनाव भावनात्मक मामलों पर नहीं, बल्कि ”आजीविका के जुड़े” मामलों पर लड़ा जाएगा। पायलट ने कहा कि भाजपा आर्थिक स्तर और रोजगार सृजन पर अपने खराब प्रदर्शन से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है।
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और भारतीय रिजर्व बैंक जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले पांच साल में संस्थाओं को खोखला बनाने और व्यवस्थित तरीके से नष्ट करने की जानबूझकर कोशिश की। पायलट (41) से जब टिकट वितरण को लेकर आपसी मतभेद के बारे में प्रश्न किया गया तो उन्होंने उत्तर दिया कि कांग्रेस में टिकट वितरण के लिए एक तय प्रक्रिया है और निर्णय लेते समय जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हर स्तर पर सभी से विचार-विमर्श किया जाता है।
विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण पार्टी के लिए कथित रूप से चिंता विषय रहा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श किया गया और उनकी सहमति से ही अंतिम निर्णय लिए गए।… मैं खुश हूं कि राजस्थान के सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच लोकसभा की लगभग सभी सीटों के उम्मीदवारों के नामों को लेकर सर्वसम्मति है।”
राजस्थान : प्रदेश में सरकार बनाने वाली पार्टी की चलती है लोकसभा चुनाव में
पायलट का यह बयान ऐसे समय आया है जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के चुनावी पदार्पण की अटकलें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, ”हमने एक अत्यंत विस्तृत प्रक्रिया अपनाई है जिसके तहत मुख्यमंत्री, मैंने और एआईसीसी प्रभारी (अविनाश पांडे) ने कम से कम 600-700 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र कार्यकर्ताओं से बातचीत की है।”
पायलट ने कहा, ”हम सर्वसम्मति के साथ सबसे अच्छे उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं। हम अपना ‘अभियान 25’ पूरा करने और जीतने के लिए लड़ रहे हैं और हम इसे पूरा करेंगे।” यह पूछे जाने पर कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण क्या बालाकोट हवाई हमलों का राजस्थान पर चुनावी प्रभाव पड़ेगा, पायलट ने कहा, ”राज्य का सीमा पर स्थित होना या नहीं होना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना महत्वपूर्ण यह तथ्य है कि देश बेरोजगार युवाओं की रिकॉर्ड संख्या और किसानों के संकट के कारण दुखी है।”
यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी राजस्थान में प्रचार करेंगी, पायलट ने कहा, ”वह अहमदाबाद में थीं। उन्होंने रैली में बहुत अच्छा भाषण दिया। मुझे भरोसा है कि वह जरूरत पड़ने पर उत्तर प्रदेश के बाहर भी पार्टी के लिए प्रचार करेंगी।” उन्होंने दोहराया कि राजस्थान ‘‘दो दलों वाला राज्य’’है जहां कांग्रेस हमेशा सभी सीटों पर लड़ी है और भाजपा ने भी सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। इस बार भी कुछ अलग नहीं होगा। राजस्थान में 29 अप्रैल और छह मई को दो चरणों में चुनाव होगा।


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