बायो पॉलिमर क्षेत्र में खिलौने एवं अन्य उत्पादों को प्रोत्साहित करने की जरुरत

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सीतापुरा स्थित सिपेट में प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच की टेसि्टंग लेब के व्यापक प्रचार प्रसार के साथ प्रमुख इकाई के रुप में विकसित करना होगा।

राजस्थान में उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णाकांत पाठक ने सेंटर फॉर स्किलिंग एण्ड टेक्निकल सपोर्ट (सिपेट) में बायो पॉलिमर के क्षेत्र में शोध एवं विकास के साथ खिलौने एवं अन्य इसी तरह के उत्पादों को प्रोत्साहित करने की जरुरत बताई है। डॉ. पाठक आज यहां सिपेट और एनआईएफटी की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ इस क्षेत्र में चीन के एकाधिकार पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।

उन्होंने जोधपुर की राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान को प्रदेश की परंरागत से आज तक टैक्सटाइल इण्डस्ट्री करघे से मशीन तक और प्राकृतिक रंग संयोजन से आधुनिक डिजाइन तक की विकास यात्रा को दर्शाती हुई गैलेरी विकसित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सीतापुरा स्थित सिपेट में प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच की टेसि्टंग लेब के व्यापक प्रचार प्रसार के साथ प्रमुख इकाई के रुप में विकसित करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता के साथ ही प्लास्टिक उत्पादों की उपयोगिता एवं उसके मानक स्तर को लेकर स्थानीय निकायों के समन्वय से कार्यक्रमों का संचालन करना होगा। उन्होंने कहा कि परिसर में प्लास्टिक उद्योग से जुड़ समस्याओं और उसके निदान से जुड़ गैलेरी बना कर इस क्षेत्र से जुड़ उद्योगों को लाभान्वित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि परंपरागत हस्तशिल्प को संरक्षित करते हुए कारीगरों तक नवीनतम फैशन और डिजाइन तैयार की जाए ताकि संरक्षण, ब्राणि्डंग एवं मार्केंटिंग के बेहतर अवसर मिल सके। उन्होंने निफ्ट को आत्मनिर्भर संस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने खादी एवं हैण्डलूम से जुड़ आर्टिजनों के नियमित प्रशिक्षण आयोजित कर उन्हें नवीन तकनीक और डिजाइनों से रुबरु कराने को कहा। इस अवसर पर सिपेट के निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि सिपेट द्वारा युवाओं के लिए डिप्लोमा एवं पोस्ट डिप्लोमा कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है वहीं शीघ, ही बीटेक आरंभ किए जाने की तैयारी चल रही है।

Desk Team