राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच चिकित्सकीय ऑक्सीजन की मांग बीते तीन महीने में लगभग पांच गुना बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इस बारे में बताया।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने की भरसक कोशिश कर रही है। इसके तहत अलवर में 1,000 ऑक्सीजन सिलेंडर की क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है, जबकि राजसमंद में 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है।
चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य में तीन महीने पहले ऑक्सीजन की खपत लगभग 6,500 सिलेंडर प्रतिदिन थी, जो फिलहाल बढ़कर 31,425 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में हो रही निरन्तर वृद्धि के कारण आपातकालीन चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।
चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन के प्रबन्ध के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास किये हैं। आपात स्थिति को देखते हुए जामनगर (गुजरात) से ऑक्सीजन टैंकरों की वायु मार्ग से आपूर्ति की गई है। साथ ही अलवर जिले में 1,000 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का नया संयंत्र लगाया गया है। महाजन ने बताया कि अगले सप्ताह तक 1,200 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र दरीबा (राजसमंद) में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा प्रारम्भ किया जा रहा है। इसके अलावा 500 सिलेंडर का उत्पादन शीघ्र ही शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि समय पर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन टैंकर में जीपीएस सिस्टम लगाये गये हैं और वाहनों की निगरानी राज्य नियंत्रण कक्ष से की जा रही है। महाजन ने बताया कि ऑक्सीजन की औद्योगिक प्रयोजन से आपूर्ति पूर्णतः बंद करते हुए समस्त आपूर्ति को चिकित्सा उद्देश्य से सुनिश्चित किया गया है।


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