राजस्थान में जयपुर केंद्रीय कारागृह में कैदियों में झगड़ में मारा गया सजायाफ्ता पाकिस्तानी कैदी शकर उल्लाह को आतंककारी संगठनों को धन मुहैया कराने और आतंकी साजिश रचने के आरोप में राजस्थान पुलिस ने उसके सात अन्य साथियों के साथ करीब नौ वर्ष पहले गिरफ्तार किया था।
सूत्रों ने आज बताया कि राजस्थान पुलिस को खुफिया जांच में उसके आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से सम्बन्ध होने की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद उस पर गुप्त रूप से नजर रखी गई। फोन कॉल की रिकॉर्डिंग में उसके पाकिस्तान के आतंककारी संगठन लश्कर ए तैयबा के स्लीपर सेल होने की पुख्ता जानकारी मिली।
इस पर उसे 2010 में उसके पाकिस्तानी साथियों असगर अली और मोहम्मद इकबाल सहित भारत के निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और अब्दुल मजीद के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि आठों आरोपियों पर जयपुर के एक न्यायालय में करीब सात वर्ष तक मुकदमा चला। नवम्बर 2017 में न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए माना कि इन आतंकवादियों के तार पाकिस्तान से जुड़ थे और ये देश में व्यापक स्तर पर हिंसा और अस्थिरता फैलाना चाहते थे।
लिहाजा शकर उल्लाह के साथ असगर अली, मोहम्मद इकबाल, हाफिज अब्दुल मजीद, काबिल खां और अरुण जैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और इन पर 1।11 लाख रुपये का जुर्माना किया, जबकि निशाचंद अली उर्फ बाबू और पवन पुरी को आजीवन कारावास के साथ 13-13 लाख रुपये का जुर्माना किया था। इनमें शकर उल्लाह, असगर अली और मोहम्मद इकबाल पाकिस्तानी नागरिक हैं जबकि अन्य भारतीय हैं।
उधर घटना के बाद कल देर रात जेल अधीक्षक संजय यादव, डिप्टी जेलर जगदीश शर्मा को एपी)ओ कर दिया गया है जबकि सेल प्रभारी वैद्यनाथ शर्मा और वार्डर रामस्वरूप शर्मा को निलम्बित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सदस्य शकर उल्लाह का स्थानीय कुख्यात चार कैदियों से टीवी पर सपना चौधरी के गाने की आवाज को लेकर झगडा हो गया जिस पर उक्त कैदियों ने टीवी के नीचे रखे पत्थर से शकर उल्लाह के सिर पर वार कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना पाकिस्तानी दूतावास को कल ही दे दी गई। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जायेगा।


Download Android App
Download iOS App









