पुलिस ने राजस्थान के एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत जानकारी पोस्ट करने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हैं। टोंक पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी नासिर खान खुद को पत्रकार बताता है, लेकिन वास्तव में वह एक टैक्सी चालक है और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि है।
उन्होंने बताया कि खान को गिरफ्तार कर लिया गया और सीआरपीसी की धारा 151 के तहत केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद उसे रिहा कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। खान ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से स्थानीय प्रशासन पर कोविड-19 की स्थिति से निपटने में कुप्रबंधन का आरोप लगाया था और स्थानीय विधायक सचिन पायलट की अनुपस्थिति के बारे में भी गलत जानकारी दी थी।
उसने बाद में फेसबुक पर अपनी पोस्ट को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ‘‘पोस्ट के जरिए रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कमी को रेखांकित करना मेरी गलती था। मुझे दिखाई देने वाले बुरे सपनों के कारण मैंने ऐसा लिखा था। टोंक जिले में पुलिस और स्थानीय प्रशासन बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और हमारे पास स्थानीय अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक संसाधन मौजूद हैं।’’


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