देश में कोरोना वायरस के कारण हाहाकार मचा हुआ है। हर रोज कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक को भी प्राथमिकता दें। राजस्थान में कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीके की दूसरी खुराक से वंचित लोगों के टीकाकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने लोगों से दूसरी खुराक लगवाने में लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है।
मीणा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में कोरोना टीके की पहली खुराक लगवा चुके लोग दूसरी खुराक लगवाने में लापरवाही ना बरतें क्योंकि इस तरह की लापरवाही परिवार, समाज, राज्य और देश पर भी भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टर को दूसरी खुराक से वंचित लोगों के लिए अभियान चलाकर टीकाकरण के निर्देश दिए जा चुके हैं।
एक बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की खासी कमी देखने में आई। मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए राज्य में 475 से ज्यादा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लग चुके है जिनसे इस महीने के अंत तक ऑक्सीजन उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक हजार टन मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन करने का है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा 40 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन कंसट्रेटर्स की व्यवस्था की जा चुकी है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की संभावित तीसरी लहर का असर बच्चों पर हो सकता है। ऐसे में बच्चों के बेहतर उपचार के लिए प्रदेश के सभी शिशु चिकित्सालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। वहां के आईसीयू, नीकू, पीकू और एसएनसीयू में ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए टीका उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार को लिखा जा रहा है।
मीणा ने कहा कि आमजन को टीके की पहली व दूसरी खुराक लगने के बाद ही ‘बूस्टर डोज’ लग सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 6, 80,21,768 लोगों को खुराक लगाई जा चुकी है। इनमें से 4, 34 48,884 को पहली और 2, 45, 72,884 लोगों को दूसरी खुराक लगी है।


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