Rajasthan: राजस्थान के बूंदी में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच एक बड़ी झड़प हो गई हऐ, जिन्होंने किसानों के विरोध के समर्थन में राजस्थान के बूंदी में जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर किसानों के साथ मार्च निकाला।
Highlights
- कलेक्टरेट कार्यालय पर हुई झड़प
- पुलिस और कांग्रेस की बीच टकराव
- 200 लोगों को लिया हिरासत में
बूंदी में निकाली जा रही थी रैली
दरअसल किसान अपनी मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्सन कर रहे हैं। इसी बीच बूंदी में प्रदर्शनकारी किसानों की बात न मानने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। उन्होंने रास्ते में लगे बैरिकेड्स भी तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की।
पूर्व मंत्री अशोक थे शामिल
पूर्व मंत्री एवं हिण्डोली विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में किसान आजाद पार्क से निकले। प्रदर्शन के दौरान हिंडोली विधायक अशोक चांदना ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों की निर्मम हत्या भारत सरकार के आदेश पर हुई है। पुलिस ने अशोक चांदना और सभी समर्थकों को भी हिरासत में ले लिया।
200 से ज्यादा किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया
वहीं चंदना ने कहा, “PM नरेंद्र मोदी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। मुझे लगता है कि अगर किसान को सरकार द्वारा गोली मार दी जाएगी तो यह देश भविष्य में टूट जाएगा। अगर किसान नहीं है, तो देश नहीं है। बूंदी जिले के सभी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता और जिले के किसान विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपने जा रहे थे। लेकिन जिस तरह किसानों को दिल्ली जाने की इजाजत नहीं दी गई, उसी तरह हमें भी पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। पुलिस ने हमें गिरफ्तार कर लिया।”
पुलिस ने दी जानकारी
किसान आंदोलन को देखते हुए बूंदी पुलिस ने कानून व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे. यहां 500 पुलिसकर्मी, एक आरएसी बटालियन और चार एडिशनल एसपी तैनात किए गए। बूंदी पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा, “विरोध करना उनका अधिकार है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। हमने उनसे बहुत शांतिपूर्ण तरीके से निपटा है। लाठीचार्ज करना उचित नहीं था क्योंकि वे किसान हैं इसलिए पानी की बौछार करना उचित नहीं था।


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