राजस्थान में कोरोना का विस्फोट जारी है। इस बीच, सबू के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्तावित विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी व सामाजिक संगठन समर्पित भाव (मिशन मोड) से काम करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जन जागरुकता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। गहलोत राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति तथा जागरूकता अभियान को लेकर मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे।
गहलोत ने कहा, ‘संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार ने सभी वर्गों को विश्वास में लेकर ऐसे फैसले किए जिनसे हम राज्य में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने में कामयाब होa सके। यह कामयाबी आगे भी बरकरार रहे और कोरोना से बचाव हो सके, इसके लिए जन जागरूकता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा कि जागरुकता पैदा करने के लिए दस दिवसीय व्यापक अभियान 21 जून से शुरू हो रहा है। दस दिन तक विशेष जागरूकता अभियान चलाकर कोरोना वायरस से बचाव का संदेश गांव-ढाणी, मोहल्ले तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग इस बीमारी के खतरे को समझते हुए बचाव के तरीके अपनाएं।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि लोगों को बार-बार हाथ धोने, दो गज की दूरी बनाएं रखे, बिना मास्क बाहर नहीं जाने और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने जैसी बातों को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, जमीनी स्तर के कार्मिकों को ‘मिशन मोड’ में काम कर इस अभियान को सफल बनाना होगा।
गहलोत ने इस दौरान मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों की उपस्थिति में जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ संक्रमण की स्थिति की समीक्षा तथा जागरूकता अभियान को लेकर चर्चा की।
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 17 जिलों में कोरोना वायरस की जांच सुविधा विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में हम सभी जिलों में जांच करने के लक्ष्य को हासिल करेंगे। साथ ही प्रतिदिन 40 हजार जांच करने का भी लक्ष्य हमने निर्धारित किया है। कला व संस्कृति मंत्री बी.डी. कल्ला, शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने भी अपनी बातें रखीं


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