राजस्थान : राज्यपाल कलराज मिश्र बोले- सस्ती, सहज और दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा में होम्योपैथी महत्वपूर्ण

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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने शनिवार को कहा कि सस्ती, सहज और बगैर दुष्प्रभाव वाली चिकित्सा सेवाएं आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है तथा इस लिहाज से होम्योपैथी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति के रूप में उभरी है।

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने शनिवार को कहा कि सस्ती, सहज और बगैर दुष्प्रभाव वाली चिकित्सा सेवाएं आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है तथा इस लिहाज से होम्योपैथी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति के रूप में उभरी है।
मिश्र, विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर होम्योपैथी विश्वविद्यालय जयपुर के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी भवन के उद्घाटन कार्यक्रम को आनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रवर्तक डॉ सेमुअल हेनीमेन के 267 वें जन्म दिवस के अवसर पर कहा कि इसमें व्यक्ति के आन्तरिक लक्षणों को देखकर और समझकर इलाज किया जाता है।
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की कठिन परिस्थिति में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और रोग प्रतिरक्षा का निर्माण करने में आयुष (आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी) के महत्व को सभी ने स्वीकार किया है।
मिश्र ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम्योपैथी दवाइओं से सम्बंधित जागरूकता अभियान चलाकर इस सस्ती, सहज और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति की सही जानकारी आमजन तक पहुंचाने की जरूरत है।
परिवहन एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राज्य सरकार होम्योपैथी के विकास के लिए सतत् प्रयत्नशील है। सांसद डॉ मनोज राजौरिया ने कहा कि कम खर्च में इलाज करने की विशेषता के चलते होम्योपैथी ने कम समय में ही विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

Desk Team