राजस्थान सरकार ने आवारा कुत्तों से आम लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए हिंसक और आक्रामक प्रवृत्ति के श्वानों को पकड़कर शहर से दूर छोड़ने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्वायत शासन विभाग ने इस बारे में छह बिंदुओं का दिशा निर्देश नगर निकायों के लिए जारी किया है।
- कुत्तो को तत्काल अभियान चलाकर पकड़ा जाए
- पालतू जानवरो के मालिकों को उनका टीकाकरण करवाने को पाबंद करें
- आवारा कुत्तो के प्रजनन नियंत्रण प्रोग्राम को बढ़ावा
नागरिकों की शिकायत पर कार्रवाई
चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना क्षेत्र में सोमवार को आवारा कुत्तों ने छह साल के एक बच्चे पर हमला कर दिया था। कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह से नोंच डाला जिससे उसकी मौत हो गई। विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी निकायों में स्थित महाविद्यालयों, विद्यालयों, अभिभावकों व नागरिकों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए हिंसक और आक्रामक प्रवृत्ति के कुत्तों की पहचान कर उन्हें पकड़कर शहर से दूर ले जाकर छोड़ा जाए।
कुत्तो को तत्काल अभियान चलाकर पकड़ा जाए
इसके तहत हिंसक व आक्रामक प्रवृत्ति के श्वानों को चिन्हित कर उनका बधियाकरण जाए, सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों के आस-पास विशेषकर लेबर रूम, महिला रोग विभाग, ऑपरेशन थियेटर, शिशु वार्ड के आस-पास घूमने वाले कुत्तो को तत्काल अभियान चलाकर पकड़ा जाए व इन्हें शहर से दूर ले जाकर छोड़ा जाए।
पालतू जानवरो के मालिकों को उनका टीकाकरण करवाने को पाबंद करें
निकायों से कहा गया है कि वे पालतू कुत्तो को चिन्हित कर मालिकों को उनका टीकाकरण करवाने को पाबंद करें। साथ ही गैर सरकारी संगठनों के साथ समन्वय कर आवारा कुत्तो के प्रजनन नियंत्रण प्रोग्राम को बढ़ावा दिया जाए।


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