केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पुराना वीडियो साझा कर गहलोत पर निशाना साधा

केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को एक पुराना वीडियो ट्विटर पर साझा कर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा।

केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को एक पुराना वीडियो ट्विटर पर साझा कर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा।
हालांकि, पुराना वीडियो साझा करने की वजह से आलोचकों के निशाने पर आने के बाद शेखावत ने एक और ट्वीट किया। उन्होंने कहा, ‘‘माना कि वीडियो पुराना है, लेकिन राजस्थान सरकार ने तत्काल कदम उठाया होता, तो शायद उदयपुर में कन्हैयालाल जी की हत्या नहीं होती।’’
उक्त वीडियो में जयपुर में कुछ लोगों को इस्लाम का अपमान करने पर सिर कलम करने की बात कहते हुए देखा जा सकता है।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वीडियो में दिख रहे लोगों के खिलाफ पिछले साल कार्रवाई की गई थी और अब वीडियो वायरल/प्रसारित करने और भ्रामक तथ्य फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
एक पुराने वीडियो को साझा करने के पीछे शेखावत की मंशा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा ने कहा कि मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने एक पुराना वीडियो क्यों साझा किया, जिसमें पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी थी।
वीडियो में पांच छह युवक उत्तर प्रदेश के एक हिन्दू धर्मगुरु यति नरसिंहानंद के खिलाफ रामगंज इलाके में एक दीवार पर लगाए गए पोस्टर की ओर इशारा करते हुए और ‘‘गुस्ताखे ए नबी की एक ही सजा सर तन से जुदा सर तन से जुदा’’ के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे है। वे यह भी कहते हुए दिख रहे है कि इस्लाम का अपमान करने पर सिर कलम किया जायेगा।
वीडियो साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा ‘‘गहलोतजी आप किस मिट्टी के बने हैं? राजधानी जयपुर में ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी पोस्टर लगाकर खुलेआम दी जा रही है और पुलिस का कहीं अता-पता नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘ये केवल स्वामी नरसिंहानंद को धमकी नहीं है, ये आमजन में दहशत फैलाना है। यह हो रहा है क्योंकि आप ऐसा होने दे रहे हैं। राजस्थान का ‘लॉ एंड ऑर्डर’ दहशतगर्दों के हवाले कर दिया गया है!’’
केन्द्रीय मंत्री शेखावत पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी शर्मा ने कहा ‘‘केंद्रीय मंत्री जी आपसे आग्रह है कि पहले आपकी मिट्टी का प्रकार बताने का कष्ट करें ताकि प्रदेश की जनता ये जान सके कि वो कौनसी मिट्टी है, जो बार-बार पुराने वीडियो को यहां साझा करती है और उसकी मंशा क्या है, जिसे प्रदेश में अमन-चैन-शांति से कोई वास्ता नहीं है।’’
इसके बाद शेखावत ने ट्वीट किया,‘‘माना कि वीडियो पुराना है, लेकिन यदि राजस्थान सरकार ने तत्काल ही कदम उठाया होता तो शायद उदयपुर में कन्हैयालाल जी की हत्या नहीं होती। वीडियो से फैलाई जा रही जहर भरी मानसिकता पर सवाल करना गुनाह है क्या?’’
उन्होंने आगे लिखा,‘‘और रही मेरी मिट्टी की बात तो, मैं उस मिट्टी से बना हूं जिसके जियालों ने देश के लिए स्वयं की परवाह नहीं की। मैं वोट बैंक के सांचे तैयार करने वालों का पुतला नहीं हूं!’’
इस बीच पुलिस उपायुक्त (उत्तर) पारिस अनिल देशमुख ने कहा कि जो आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ है वह अप्रैल 2021 का है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगो के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा कि भ्रामक तथ्यों के साथ वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
अधिकारी ने बताया कि हमने तीन दिन पहले रामगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी और मामले की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर उदयपुर के धान मंडी क्षेत्र के दर्जी कन्हैयालाल द्वारा विवादास्पद पोस्ट करने पर उसकी दो लोगों ने निर्मम हत्या कर दी थी।
हमलावरों ने एक अन्य वीडियो जारी कर कहा कि इस्लाम का अपमान करने वाले का सिर कलम कर दिया गया।

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