CWG 2026: रिंग में भारत का दबदबा, अंकुश पंघाल ने दिलाया सातवां गोल्ड

Summary :

CWG 2026: भारत के मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर भारत को मुक्केबाजी में सातवां गोल्ड दिलाया। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और जादूमणि सिंह को अपने-अपने वर्ग में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अंकुश पंघाल ने दिलाया सातवां स्वर्ण पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को 4-1 के विभाजित फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में अंकुश ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन…

CWG 2026: भारत के मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर भारत को मुक्केबाजी में सातवां गोल्ड दिलाया। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और जादूमणि सिंह को अपने-अपने वर्ग में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

अंकुश पंघाल ने दिलाया सातवां स्वर्ण

पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को 4-1 के विभाजित फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में अंकुश ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया और निर्णायक क्षणों में बढ़त बनाए रखी।

सचिन सिवाच की शानदार वापसी, छठा गोल्ड भारत के नाम

इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में सचिन सिवाच ने नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर भारत को छठा स्वर्ण पदक दिलाया। शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बावजूद सचिन ने तीसरे राउंड में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर किया और 3-2 के विभाजित फैसले से मुकाबला जीत लिया।

लवलीना को फाइनल में हार, रजत से करना पड़ा संतोष

महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के फाइनल में ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन का सामना ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से हुआ। कड़े मुकाबले के बाद लवलीना को 1-4 के विभाजित फैसले से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला।

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने जीते पांच स्वर्ण

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

  • अरूंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 5-0 से हराया।
  •  प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता।
  •  मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
  • साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता।
  • प्रिया घंघास ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह को 4-1 के विभाजित फैसले से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया।

जादूमणि सिंह का संघर्ष, लेकिन मिला रजत

पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जादूमणि सिंह का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हुआ। लंबे कद के प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जादूमणि ने पहले राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड में डिक्सन ने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। अंततः जादूमणि को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

जैसमीन और प्रीति का दबदबा

महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में जैसमीन लंबोरिया और माइकेला वॉल्श के बीच शुरुआती राउंड बेहद रोमांचक रहा। जैसमीन ने विभाजित फैसले से पहला राउंड अपने नाम किया और दूसरे राउंड में दमदार पंचों की बदौलत निर्णायक बढ़त बनाकर 5-0 से जीत दर्ज की।

वहीं महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले राउंड में पांचों जजों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा बनाए रखा और भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।

मुक्केबाजी में भारत का शानदार अभियान

राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने सात स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मुक्केबाजों के दमदार प्रदर्शन ने भारत के पदक अभियान को नई ऊंचाई दी और देश के लिए यह प्रतियोगिता यादगार बन गई।

Shera Rajput