BCCI Player Fitness Rules: भारतीय क्रिकेट में अब फिटनेस को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले कुछ समय में टीम इंडिया के कई बड़े खिलाड़ी बार-बार चोट की वजह से मैदान से बाहर रहे हैं। इसका असर टीम के प्रदर्शन पर भी पड़ा है। इसी को देखते हुए अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर पहले से ज्यादा सख्त होने की तैयारी में है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI चाहता है कि टीम में सिर्फ वही खिलाड़ी खेलें जो पूरी तरह फिट हों। चाहे खिलाड़ी कितना भी बड़ा नाम हो या टीम का सीनियर सदस्य, अगर वह तय फिटनेस स्तर पर खरा नहीं उतरता तो उसकी जानकारी तुरंत बोर्ड और टीम मैनेजमेंट तक पहुंचाई जाएगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने टीम इंडिया के चीफ फिजियो कमलेश जैन को साफ संदेश दिया है कि फिटनेस के मामले में किसी भी खिलाड़ी के साथ अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। बोर्ड का मानना है कि अगर टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है, तो फिटनेस सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
BCCI Player Fitness Rules: बार-बार चोटिल खिलाड़ियों ने बढ़ाई BCCI की चिंता

पिछले एक साल में भारतीय टीम के कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। कई बार ऐसा भी हुआ कि बड़ी सीरीज या महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ी फिट नहीं हो सके। इससे टीम के संयोजन पर असर पड़ा और नए खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मौका देना पड़ा।
इसी वजह से अब BCCI फिटनेस सिस्टम को और मजबूत बनाना चाहता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड चाहता है कि हर खिलाड़ी का फिटनेस टेस्ट एक जैसे नियमों के आधार पर हो। किसी खिलाड़ी की पहचान, अनुभव या सीनियरिटी उसके मेडिकल फैसले को प्रभावित न करे।
अगर किसी खिलाड़ी की फिटनेस तय स्तर से कम पाई जाती है, तो फिजियो को बिना किसी दबाव के इसकी जानकारी तुरंत टीम मैनेजमेंट और बोर्ड को देनी होगी। माना जा रहा है कि इससे चयन प्रक्रिया भी ज्यादा पारदर्शी होगी और सिर्फ फिट खिलाड़ी ही टीम का हिस्सा बन पाएंगे।
अब सभी खिलाड़ियों के लिए हो सकता है एक जैसा फिटनेस टेस्ट

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुछ खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग फिटनेस मानक अपनाए जा रहे थे। कहा गया कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए आसान लक्ष्य दिए जाते थे, जबकि युवा खिलाड़ियों को ज्यादा कठिन मानकों से गुजरना पड़ता था।
इसी बात को लेकर अब बोर्ड पूरे सिस्टम की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में हर खिलाड़ी के लिए एक जैसी फिटनेस नीति लागू की जा सकती है, ताकि किसी को भी अलग तरह की छूट न मिले।
इस बीच टीम इंडिया में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन BCCI का बड़ा फैसला! अब फिटनेस में नहीं चलेगी कोई ढील, स्टार खिलाड़ियों पर भी होगी सख्त कार्रवाईले रूक्स के आने के बाद फिटनेस टेस्ट में भी बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाले यो-यो टेस्ट की जगह अब ब्रोंको टेस्ट को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।
ब्रोंको टेस्ट को सहनशक्ति, स्पीड और रिकवरी का बेहतर पैमाना माना जाता है। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को इस नए टेस्ट के मुताबिक खुद को ढालने में मुश्किल भी हुई है।



Download Android App
Download iOS App




