सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रशासकों की समिति (सीओए) से कहा कि जैसे ही बीसीसीआई के नए अधिकारी अपना कार्यभार सम्भाल लेंगे, वह अपना काम बंद कर दे। दो जजों की बेंच की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति एसए बोबडे ने बीसीसीआई के हित में कोई भी फैसला लेने के क्रम में सीओए के खिलाफ कोई सिविल या फिर आपराधिक मामला नहीं बनता।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अध्यक्ष विनोद राय की टीम 23 अक्टूबर को नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली और उनकी टीम के कार्यभार सम्भालते ही अपना कार्यालय बंद कर देगी। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा है कि वह कानूनी खर्चो सहित सीओए के हर खर्च को वहन करे। अदालत ने यह भी देखा कि सीईओ द्वारा हस्ताक्षरित सीओए का पारिश्रमिक भी स्वीकृत है।


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