Bihar Collapsed Without Vaibhav Sooryavanshi: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी भले ही उम्र में छोटे हों, लेकिन उनकी अहमियत अब टीम के लिए बहुत बड़ी हो चुकी है। अंडर-19 क्रिकेट में ये कई बार दिख चुका है कि जब वैभव का बल्ला नहीं चलता, तो टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा जाती है। अब यही कहानी घरेलू क्रिकेट में भी नजर आई, जहां रणजी ट्रॉफी के अहम मुकाबले में बिहार को वैभव की गैरमौजूदगी भारी पड़ गई।
Bihar Collapsed Without Vaibhav Sooryavanshi: फेल हुई बिहार की टीम

दरअसल, 22 जनवरी से रणजी ट्रॉफी का दूसरा फेज शुरू हुआ, जिसमें प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार का सामना मणिपुर से था। यह मुकाबला बिहार बिना वैभव सूर्यवंशी के खेल रही थी, क्योंकि वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में व्यस्त हैं। वैभव के न खेलने का असर सीधा टीम की बल्लेबाजी पर दिखा। पहले ही दिन मणिपुर के गेंदबाजों ने बिहार की बैटिंग लाइनअप की कमर तोड़ दी और महज 79 रन पर आधी टीम पवेलियन लौट गई।

लगातार विकेट गिरने के बाद सातवें नंबर पर कप्तान साकिबुल गनी बल्लेबाजी के लिए आए और उन्होंने मोर्चा संभाला। साकिबुल ने आकाश राज के साथ मिलकर 119 रनों की अहम साझेदारी की और टीम को संभालने की कोशिश की। आकाश के आउट होने के बाद उन्हें बिपिन सौरभ का साथ मिला और दोनों ने स्कोर को 280 के पार पहुंचा दिया।
साकिबुल गनी ने जड़ा शतक

इस दौरान साकिबुल गनी ने शानदार शतक भी जड़ा। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का छठा शतक रहा। वह 108 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक बिहार की स्थिति काफी बेहतर हो चुकी थी। दूसरे दिन बिपिन सौरभ ने भी कमाल किया और जल्दी ही अपना शतक पूरा कर लिया। 26 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज के करियर का यह पांचवां फर्स्ट क्लास शतक था।
इन दोनों बल्लेबाजों की मेहनत से बिहार का स्कोर 400 के पार पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद यह साफ दिख गया कि वैभव सूर्यवंशी की गैरमौजूदगी में टीम को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मणिपुर जैसी अपेक्षाकृत नौसिखिया टीम के खिलाफ भी बिहार की हालत खराब रही। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि जीतने वाली टीम को रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में प्रमोशन मिलेगा और खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
Also Read: सरफराज़ खान के हत्थे चढ़ी मोहम्मद सिराज की टीम, तूफानी बल्लेबाजी के साथ ठोका शानदार दोहरा शतक




















