गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में 30 सितंबर को खेले गए मुकाबले में बल्लेबाजों का दबदबा पूरी तरह देखने को मिला। मैच में गेंदबाजों के लिए मुश्किलें इतनी ज्यादा थीं कि दोनों टीमों ने मिलकर 800 से ज्यादा रन बना डाले। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन भारत ने इस टारगेट को महज 43.3 ओवर में ही हासिल कर लिया।
हालांकि इस मुकाबले के दौरान गुवाहाटी की सपाट पिच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बल्लेबाजों के लिए बेहद फेवरेबल सिचुएशन्स की वजह से गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा। वहीं मैच के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी पिच को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
India Flat Pitch Problem: गंभीर ने कहा- बल्ले और गेंद के बीच बैलेंस जरूरी

मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स पर पार्थिव पटेल से बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने कहा कि वह मुकाबले में बल्ले और गेंद के बीच ज्यादा कॉम्पटीशन देखना चाहते हैं। गंभीर के मुताबिक, ऐसे मुकाबले ब्रॉडकास्टर्स, रिकॉर्ड और फैंस के लिए भले ही अट्रेक्टिव हो सकते हैं, लेकिन क्रिकेट के नजरिए से यह सिचुएशन सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पिच में गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद होनी चाहिए, ताकि मुकाबले में दोनों बैटर्स और बॉलर्स के बीच बैलेंस बना रहे। भारतीय कोच ने यह भी कहा कि अगर पिच पूरी तरह बल्लेबाजों के फेवर में हो जाए तो मुकाबला एकतरफा हो सकता है और इससे क्रिकेट के असली कॉम्पटीशन पर काफी असर भी पड़ सकता है।
गिल की रिकॉर्ड पारी ने बनाया मुकाबला खास

हालांकि पिच पर सवाल उठे, लेकिन भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने शानदार दोहरा शतक लगाते हुए 223 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान गिल ने सबसे तेज वनडे दोहरा शतक पूरा करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। भारत ने 406 रन के टारगेट का पीछा करते हुए महज 43.3 ओवर में जीत हासिल कर ली। वहीं इससे पहले वेस्टइंडीज ने वनडे क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा टीम स्कोर भी बनाया था।
सोशल मीडिया पर भी पिच को लेकर नाराजगी
How do you prepare pitches like this… bowlers are just not in the game… commentators are just busy shouting WOW WOW What a SIX What A Six… Game is just getting too one sided…this is just Batter Vs Batter @BCCI #IndVsWI
— Samip Rajguru (@samiprajguru) September 30, 2026
गुवाहाटी की पिच को लेकर सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट फैंस के अलग-अलग रिएक्शन्स देखने को मिले। कई फैंस ने पिच के नेचर, मैदान की फैसिलिटीज़ और मैच के दौरान सामने आई अरेंजमेंट्स पर सवाल उठाए। फैंस का एक पक्ष मानता है कि सिर्फ बड़े स्कोर वाले मुकाबले तैयार करना सफिशियेंट नहीं है। क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को अपनी एबिलिटी दिखाने का मौका मिलना चाहिए।
क्या ऐसी पिच विश्व कप की तैयारी में मदद करेगी?

गुवाहाटी के बाद पिच को लेकर उठे सवालों ने अब अपकमिंग बड़े टूर्नामेंटों की तैयारियों पर भी चर्चा शुरू कर दी है। अगर लगातार ऐसी सपाट पिचें तैयार की जाती हैं, जहां गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद हो। तो इससे टीमों को बड़े स्कोर बनाने की प्रेक्टिस तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे में हर तरह की मैच सिचुएशन्स के लिए तैयारी करना मुश्किल हो सकता है।
क्रिकेट में कॉम्पटीशन बनाए रखने के लिए पिच में बल्ले और गेंद के बीच बैलेंस होना जरूरी है। गुवाहाटी का यह मुकाबला जो रिकॉर्ड्स और रनों के लिहाज से यादगार रहा, वहां पिच के रोल ने क्रिकेट की क्वालिटी को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। क्योंकि आने वाले समय में साल 2027 के वर्ल्ड को ध्यान में रखते हुए इन ODI मैचेज़ को देखा जा रहा है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर पिच का ऐसा ही हाल रहा तो भारतीय टीम का प्रदर्शन 2027 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका की क्रेक वाली पिचेज़ पर बेकार हो सकता है।


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