अगले महीने होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप से पहले इंडियन मेन्स और वुमेन्स हॉकी टीमों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस समय चल रहे नेशनल कैंप में खिलाड़ियों की फिटनेस, ताकत और फीजिकल पॉवर को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन और वुमेन टीम के कोच स्योर्ड मारिजने का कहना है कि कैंप का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इस बार हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में ऑर्गनाइज़ किया जाएगा। वहीं खास बात यह है कि पहली बार मेन्स और वुमेन्स दोनों केटेगरीज़ के मुकाबले एक साथ खेले जाएंगे।
FIH Hockey World Cup: मेन्स टीम का आत्मविश्वास बढ़ा

इंडियन मेन्स हॉकी टीम वर्ल्ड कप में अच्छे कॉन्फिडेंस के साथ उतरने वाली है। टीम ने हाल ही में यूरोप में खेले गए FIH प्रो लीग में शानदार प्रदर्शन किया था। भारत ने वहां मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी, ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों को हराया था।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने इंडियन टीम की तैयारी पर कहा है कि छुट्टी के बाद खिलाड़ी तरोताजा होकर कैंप में लौटे हैं और ट्रेनिंग में उनकी एक्साइटमेंट भी साफ दिखाई दे रही है। शुरुआती दिनों में खिलाड़ियों की फिटनेस को वापस मजबूत करने और टीम के अच्छे लेवल को फिर से हासिल करने पर काम किया गया। अब धीरे-धीरे ट्रेनिंग की रफ्तार और मुश्किल लेवल पर ट्रेनिंग के लिए बढ़ाई जा रही है।
फिटनेस के साथ प्लानिंग पर भी काम
फुल्टन ने बताया कि कैंप में फिटनेस और प्लानिंग के बीच संतुलन बनाया जा रहा है। हफ्ते की शुरुआत में खिलाड़ियों की फीजिकल पॉवर बढ़ाने के लिए कड़ी ट्रेनिंग कराई जा रही है, जबकि बाद के दिनों में टीम की प्लानिंग और खेल की तकनीक पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीम छोटे-छोटे मैच भी खेल रही है ताकि दबाव और थकान के बीच सही फैसले लेने की ताकत बेहतर हो सके। इसके अलावा वीडियो एनालिसिस के जरिए खिलाड़ियों की गलतियों और सुधार की जगहों पर भी काम किया जा रहा है।
भारत की मेन्स टीम को वर्ल्ड कप में पूल-D में रखा गया है, जिसमें इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी टीमें शामिल हैं। भारत अपना पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान से मुकाबला होगा।
वुमेन्स टीम भी पूरी तरह तैयार

भारतीय वुमेन्स हॉकी टीम भी शानदार फॉर्म में है। टीम ने हाल ही में FIH नेशंस कप का खिताब बिना कोई मैच हारे जीता था और अगले सीजन की प्रो लीग में जगह बनाई थी। वुमेन्स टीम वर्ल्ड कप में पूल-D में शामिल है और अपना पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम को साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमों का सामना करना होगा। वुमेन टीम के कोच स्योर्ड मारिजने ने कहा कि खिलाड़ी आने वाले बड़े टूर्नामेंट को लेकर काफी एक्साइटेड हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में खिलाड़ियों की मेहनत और जीतने की इच्छा साफ नजर आ रही है।
प्राइयोरिटी पर रखी गई फिटनेस
मारिजने ने कहा कि टीम का पूरा ध्यान अपनी तैयारी और सुधार पर है। खिलाड़ियों की फिटनेस बढ़ाने के लिए हाई, मीडियम और लो-इंटेंसिटी ट्रेनिंग का सही कॉम्बीनेशन रखा गया है, क्योंकि हर दिन पूरी ताकत के साथ ट्रेनिंग करना पॉसिबल नहीं होता। उन्होंने बताया कि स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच हर खिलाड़ी की फिटनेस पर नजर रख रहे हैं ताकि वर्ल्ड कप के दौरान टीम अपने बेस्ट लेवल पर परफॉर्म कर सके।
इंडियन टीम मैनेजमेंट को भरोसा है कि मौजूदा तैयारियों और खिलाड़ियों की मेहनत के दम पर मेन्स और वुमेन्स दोनों टीमें हॉकी वर्ल्ड कप में मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं।
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