नई दिल्ली : सुशील के बारे में मुझे बस इतना ही पता है कि वह छत्रसाल स्टेडियम में ट्रेनिंग कर रहा है और उसने बाक़ायदा डब्ल्यूएफआई से अनुमति ली है। बाकी पहलवान सोनीपत में राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा हैं और पूरी तरह फिट हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में चीफ़ कोच जगमिंदर ने कहा कि सुशील की तैयारी के बारे में कुछ भी नहीं कह सकता लेकिन वह मंजा हुआ पहलवान है और निश्चित तौर पर गोल्ड जीत सकता है।
लेकिन यदि वह टीम के साथ ट्रेनिंग करता तो बेहतर रहता। कामनवेल्थ खेलों में भाग लेने वाले सभी छह पहलवान गोल्ड जीत सकते हैं। पुरुष कुश्ती टीम के सहायक कोच ओलंपियन राजीव तोमर का ऐसा मानना है। लेकिन चीफ़ कोच जगमिंदर थोड़ा हटकर सोचते हैं। जगमिंदर मानते हैं कि इन खेलों में मुकाबले अपेक्षाकृत आसान होते हैं फिर भी दावे के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि कनाडा, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, नाइजीरिया आदि देशों के पहलवान भी ठीक-ठाक होते हैं। जगमिंदर मानते हैं कि पिछले कुछ समय से भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं चल रहा किंतु कॉमनवेल्थ में पदक जीतना ज़्यादा मुश्किल नहीं है।
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(राजेंद्र सजवान)


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