नई दिल्ली : क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान को ऐसी टीम के तौर पर जाना जाता है जो कभी शानदार प्रदर्शन करती है तो कभी बेहद खराब, लेकिन उसके पास ऐसे कई खिलाड़ी है जो अपने दम पर मैच का रूख पलटने की क्षमता रखते हैं और यही चीज 30 मई से शुरू हो रहे विश्व कप में उसे सबसे आकर्षक टीमों में से एक बनाती है। वर्ष 1992 में विश्व कप का खिताब जीतने वाली पाकिस्तानी टीम लगातार 10 एकदिवसीय मैच गंवाकर यहां पहुंची है।
टीम की खराब फार्म का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अभ्यास मैच में उन्हें अफगानिस्तान ने भी हरा दिया। पाकिस्तान विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर एक महीने पहले ही इंग्लैंड पहुंच गया। लेकिन एकदिवसीय श्रृंखला में इंग्लैंड ने उन्हें 4-0 से मात देकर उसकी चिंताएं बढ़ा दी। इससे पहले दुबई में पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया ने 5-0 से हराया था। टीम ने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीता था।
पाकिस्तान की मौजूदा टीम इस मामले में 1992 में इमरान खान की करिश्माई कप्तान के नेतृत्व में विश्व कप जीतने वाली टीम से प्रेरणा ले सकती है। 1992 विश्व कप से पहले भी टीम लय में नहीं थी। ऐसे प्रदर्शन के बाद भी कोई टीम उसे हलके में नहीं लेना चाहेगी क्योंकि टीम ने इंग्लैंड की इन्हीं परिस्थितियों में 2017 में चैम्पियन्स ट्राफी का खिताब जीता था।
जीत की राह में लौटने के लिए पाकिस्तान को क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी में सुधार करना होगा। टीम के कोच मिकी अर्थर भी इसे चिंता का कारण बता चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों में टीम 358 और 340 रन के लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी।


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