नई दिल्ली : भारतीय टेनिस की सबसे सफलतम महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा और बालीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री सोनम कपूर आहूजा का मानना है कि किसी भी महिला के विकास मे उसके परिवार और खासकर माता पिता का सबसे बड़ा योगदान होता ह। आज यहां फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दोनों महिलाओं ने अपनी कामयाबी मे अपनी पारिवारिक पृष्टभूमि को सफलता का कारण बताया। सोनम ने अपने पिता अनिल कपूर के रूतबे और अपनी मां के मार्गदर्शन की प्रशंसा की तो सानिया मिर्ज़ा ने कहा कि उसने छह साल की उम्र से घर से बाहर निकलकर खेलना शुरू किया।
तब छोटी स्कर्ट पहनकर खेलने पर छींटाकशी का सामना करना पड़ता था। लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझे और मेरी बहनों का हमेशा मनोबल बढ़ाया। उनके समर्थन और लगातार प्रोत्साहन के चलते ही मैं यहां तक पहुंच पाई फिरभी भारतीय महिला को अभी लंबा सफ़र तय करना है। पुरुष प्रधान समाज में वह अभी बहुत पीछे चल रही ह। सानिया मिर्जा ने साइना नेहवाल, सिंधु, साक्षी, मेरी काम आदि खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी के परिजनों और अपनों ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत बंधाई और उन्होंने जमाने की परवाह नहीं की।
सानिया के अनुसार आज भी देश में महिला खिलाड़ियों को दूसरी नज़रों से देखा जाता है। भले ही कुछ लड़कियां ओलंपिक और विश्व स्तर पर पहचान बना रही हैं लेकिन जब कोई लड़की क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों मे भाग लेती है तो उसे लड़कों से कमतर आंका जाता है और कई बार अपनों से ना भी सुननी पड़ जाती है। फिक्की ने आज अपने महिला कार्यक्रम में गीता टंडन, दीपाली, कल्पना सरोज, अनमोल रोड्रिक्स और चारू बजाज जैसी जीवट महिलाओं को सम्मानित किया।
(राजेंद्र सजवान)


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