ईरान इजराइल जंग के चलते ऊर्जा संकट से जूझ रहा बांग्लादेश! बंद कर दी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी

Summary :

Bangladesh Shuts Down University: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दूसरे देशों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच बांग्लादेश में ऊर्जा संकट गहराने लगा है। हालात को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने बिजली की खपत कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 9 मार्च से देश की सभी सरकारी और निजी यूनिवर्सिटी को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम बिजली और ऊर्जा की बचत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में…

Bangladesh Shuts Down University: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दूसरे देशों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच बांग्लादेश में ऊर्जा संकट गहराने लगा है। हालात को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने बिजली की खपत कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 9 मार्च से देश की सभी सरकारी और निजी यूनिवर्सिटी को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम बिजली और ऊर्जा की बचत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ऊर्जा संकट और बढ़ सकता है, इसलिए सरकार पहले से तैयारी कर रही है।

Bangladesh Shuts Down University: ईद की छुट्टियों के साथ जोड़ा गया शैक्षणिक अवकाश

बांग्लादेश के शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी की छुट्टियों को ईद-उल-फितर की छुट्टियों के साथ जोड़ दिया गया है। इससे एक साथ लंबा अवकाश मिल जाएगा और इस दौरान बिजली की खपत भी कम होगी। सरकार ने विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों को ऊर्जा बचत से जुड़े विशेष निर्देश भी दिए हैं। इन निर्देशों का मकसद देशभर में बिजली की मांग को कम करना और ऊर्जा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।

पेट्रोल और डीजल की खरीद पर भी लगी सीमा

ऊर्जा संकट के बीच बांग्लादेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खरीद को लेकर भी चिंता जताई है। हालात को देखते हुए सरकार ने ईंधन खरीदने पर सीमा तय कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में लोग घबराहट के कारण ज्यादा मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदने लगे थे। इसके चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन चालकों को ईंधन भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने फ्यूल खरीदने की सीमा तय करने का फैसला लिया।

अलग-अलग वाहनों के लिए तय की गई लिमिट

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) ने बताया कि देश में इस्तेमाल होने वाला करीब 95 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात किया जाता है। इसलिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना सरकार के लिए बेहद जरूरी है। नई व्यवस्था के तहत अब बाइक सवार रोजाना सिर्फ 2 लीटर पेट्रोल ही खरीद सकेंगे। निजी कारों के लिए 10 लीटर की सीमा तय की गई है। वहीं एसयूवी, जीप और मिनी बसों को 20 से 25 लीटर तक ईंधन मिलेगा। स्थानीय बसों के लिए 70 से 80 लीटर तक की अनुमति दी गई है। इसके अलावा ट्रक और कंटेनर को 200 से 220 लीटर डीजल खरीदने की अनुमति दी गई है।

जमाखोरी रोकने के लिए सरकार सख्त

सरकार का कहना है कि कुछ जगहों पर ईंधन की जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नियंत्रण लगाया गया है। बीपीसी ने बताया कि देश में ईंधन का आयात सामान्य रूप से जारी है और रेल टैंकरों के जरिए डिपो तक इसकी सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बफर स्टॉक स्थिर हो जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा न करें। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि तय कीमत से ज्यादा दाम पर ईंधन बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी परेशानी

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को किए गए हमलों के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी थी। बाद में इस अहम समुद्री मार्ग को बंद कर दिया गया। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि समुद्र के जरिए भेजे जाने वाले करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। इसके बंद होने के कारण कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।