अलसी बीज उत्पादन पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीखी बहस: कृषि मंत्री नेताम ने जांच का दिया आश्वासन

Chhattisgarh Assembly debate on flaxseed production

Chhattisgarh Assembly debate on flaxseed production: छत्तीसगढ़ विधानसभा मे बजट सत्र के 10 वें दिन प्रश्नकाल के दौरान अलसी उत्पादन और बीज वितरण को लेकर सदन में जोरदार चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने किसानों को दिए गए अलसी बीज की गुणवत्ता और उसके रिजेक्ट होने के मामले को उठाते हुए एमडी के खिलाफ जांच की मांग की। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराने का आश्वासन दिया।

उमेश पटेल ने उठाया मुद्दा

आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में अलसी उत्पादन के लिए वितरित बीज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंत्री के जवाब के अनुसार जिले में वितरित बीज में से 158.49 क्विंटल बीज रिजेक्ट हुआ, जिससे लगभग 85 प्रतिशत किसानों का रकबा प्रभावित हुआ। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में बीज रिजेक्ट क्यों किया गया। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलने के कारण बीज को रिजेक्ट करना पड़ा। उन्होंने बताया कि किसानों को बीज तो दिया गया, लेकिन उन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षण नहीं दिया गया, जिसके कारण उत्पादन प्रभावित हुआ।

लापरवाही सामने आते ही होगी कार्रवाई

विधायक उमेश पटेल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसानों को प्रशिक्षण नहीं मिला तो इसके लिए जिम्मेदार विभाग कौन है। मंत्री ने स्वीकार किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने आगे कहा कि कई किसानों की फसल खरपतवार के कारण रिजेक्ट कर दी गई।

उन्होंने पूछा कि बीज की ग्रेडिंग कब-कब की गई और किसने की। इस पर मंत्री नेताम ने कहा कि वे इसकी जानकारी मंगाकर सदन को बताएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उमेश पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अलसी की ग्रेडिंग के लिए विशेष छन्नी का उपयोग किया गया था। उनका कहना था कि अलसी की खेती के लिए जरूरी छन्नी उपलब्ध नहीं थी, इसके बावजूद किसानों की करीब 186 क्विंटल फसल रिजेक्ट कर दी गई। मंत्री ने इन बिंदुओं को स्वीकार करते हुए मामले की जांच कराने की बात कही।

नेता प्रतिपक्ष चरण दास ने सदन में क्या कहा?

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि अलसी के डंठल से उनके क्षेत्र में कपड़े बनाए जाते हैं, जिससे किसानों के लिए आय का बड़ा स्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को भी अलसी से बने वस्त्र भेंट किए हैं, इसलिए किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विधायक की मांग का समर्थन करते हुए पूछा कि क्या एमडी के खिलाफ कार्रवाई होगी और जांच किस अधिकारी से कराई जाएगी। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: रायपुर,आनंद खरे/पंजाब केसरी

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