Donald Trump On Iran Oil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का तेल अपने कंट्रोल में लेना चाहते हैं। इसके साथ ही वह देश के तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा कर सकते हैं। रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो, मेरी सबसे पसंदीदा चीज़ ईरान का तेल लेना है।”
ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब इस इलाके में तनाव बढ़ रहा था और साथ ही इनसे चल रही कूटनीतिक बातचीत के भी संकेत मिलते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत दोनों तरह से हो रही है, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भी। इसमें पाकिस्तानी ‘दूतों’ के जरिए होने वाली बातचीत भी शामिल है। उन्होंने बताया कि ये वार्ताएं अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही हैं।
ईरान से यूरेनियम निकालने के लिए सैन्य अभियान
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप ईरान से करीब 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए एक सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। यह मिशन काफी जटिल और जोखिम भरा होगा, जिसमें अमेरिकी सेना को कई दिनों या उससे भी ज़्यादा वक्त तक देश के अंदर रहना पड़ सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने अभी तक इस पर अभी अंतिम फ़ैसला नहीं लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप अमेरिकी सैनिकों को होने वाले संभावित ख़तरे पर विचार कर रहे हैं। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति आम तौर पर इस विचार के प्रति पॉजिटिव हैं, क्योंकि इससे उनका अहम टार्गेट हासिल करने में मदद मिल सकती है यानी ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सकता है।
होर्मुज में 20 बड़े टैंकरों को मिली मंजूरी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान, पाकिस्तान के झंडे वाले तेल टैंकरों की संख्या बढ़ाने के लिए राजी हो गया है। अब इन टैंकरों की संख्या दोगुनी होकर 20 हो गई है और इन्हें होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने की अनुमति दी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस फैसले को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने मंज़ूरी दी है। ट्रंप ने के मुताबिक, कल सुबह से होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते तेल से भरे 20 बड़े जहाज़ आने शुरू हो जाएंगे।
खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी में अमेरिका!
द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई सुरक्षा व्यवस्था है। हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्ज़े में ले सकते हैं।” रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उसे अपने कंट्रोल में रखने के लिए करीब 10 हजार सैनिकों की तैनाती की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को करीब 3,500 सैनिक इस क्षेत्र में पहुंच गए और 2,200 अन्य मरीन रास्ते में हैं। इसके अलावा 82वीं एयरबोर्न डिवीज़न के हजारों सैनिकों को भी तैनात करने का आदेश दिया गया है, जिससे बड़े सैन्य अभियान की तैयारी साफ दिख रही है।
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