पाकिस्तान में फिर आया भूकंप, 4.2 तीव्रता का झटका

Summary :

भूकंप के झटकों से पाकिस्तान में हड़कंप

पाकिस्तान में भूकंप के झटके फिर से महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 4.2 मापी गई है। भूकंप का केंद्र पश्चिमी पाकिस्तान में था और यह झटके दोपहर 1.37 बजे आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी पुष्टि की।

पाकिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई है। दो दिन पहले भी पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार 27 मई को भी पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस बार भी भूकंप का केंद्र पश्चिमी पाकिस्तान में ही था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि ये भूकंप के झटके दोपहर करीब 1.37 बजे महसूस किए गए।

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किस वजह से आते हैं भूकंप?

आपको बता दें कि धरती के अंदर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार अपनी जगह पर घूमती रहती हैं. इस दौरान कई बार इन प्लेटों के बीच टकराव होता है, जिसकी वजह से भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. कई बार भूकंप का झटका काफी तेज हो जाता है, जिसकी वजह से आम जनजीवन को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. भूकंप की वजह से जनजीवन काफी प्रभावित होता है. हजारों लोगों की जान भी चली जाती है.

भूकंप की स्पीड से जानें कितना नुकसान

4 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप में घर का सामान अपनी जगह से गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता वाले भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 तीव्रता वाले भूकंप में इमारत की नींव में दरार आ सकती है। 7 से 7.9 तीव्रता वाले भूकंप में इमारतें गिर सकती हैं। 8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप में सुनामी का खतरा रहता है और ज्यादा तबाही होती है। 9 या इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप में सबसे ज्यादा तबाही होती है।

भूकंप के झटकों को कैसे मापा जाता है?

भूकंप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे हम रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप के झटके को 1से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप के सेंटर को एपीसेंटर से मापा जाता है।

भूकंप के दौरान क्या करें?

भूकंप के दौरान जितना हो सके उतना सुरक्षित रहने की कोशिश की जाएं। अगर आप घर के अंदर हों तो जमीन पर लेट जाएं। किसी मजबूत फर्नीचर के निचले हिस्से को मजबूती से पकड़े रहे।

अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए किसी आंतरिक दरवाजे के पीछे, कमरे के कोने में, मेज के नीचे या यहां तक ​​कि बिस्तर के नीचे छिप जाएं।

सीसे, खिड़कियों, दरवाजों और दीवारों या गिरने वाली किसी भी चीज़ (जैसे प्रकाश जुड़नार या फर्नीचर) से दूर रहें।

अगर आप घर से बाहर हैं, तो अपनी जगह से हिलें नहीं। साथ ही, इमारतों, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों और बिजली/टेलीफोन के तारों आदि से दूर रहें।

गाड़ी चला रहे हैं तो जल्दी और सुरक्षित तरीके से रोकें और गाड़ी में ही रहें। इमारतों, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन तारों आदि के पास या नीचे गाड़ी रोकने से बचें।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।