तंबौर में टप्पेबाजी का पर्दाफाश, 15 शातिर गिरफ्तार, 6 लाख 57 हजार 500 रुपये नकद बरामद

Summary :

Fraud Gang arrested in UP : सीतापुर के तंबौर कस्बे में हुई लाखों रुपये की टप्पेबाजी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में मध्य प्रदेश के एक अंतरराज्यीय गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 6 लाख 57 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जो चोरी की गई रकम से भी अधिक हैं। शादी के लिए निकाले पैसों पर किया हाथ साफ घटना 17 मार्च की है, जब काजी टोला निवासी आफताब अपनी बहन की शादी के लिए बैंक ऑफ इंडिया से…

Fraud Gang arrested in UP : सीतापुर के तंबौर कस्बे में हुई लाखों रुपये की टप्पेबाजी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में मध्य प्रदेश के एक अंतरराज्यीय गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 6 लाख 57 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जो चोरी की गई रकम से भी अधिक हैं।

शादी के लिए निकाले पैसों पर किया हाथ साफ

घटना 17 मार्च की है, जब काजी टोला निवासी आफताब अपनी बहन की शादी के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 4 लाख और इंडियन बैंक से 1.70 लाख रुपये निकालकर लाए थे। उन्होंने यह रकम बाइक की डिग्गी में रखी और वर्मा प्रिंटिंग प्रेस पर शादी के कार्ड देखने लगे। इसी दौरान अज्ञात चोर डिग्गी से 5.70 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने तुरंत टीम गठित की। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह और क्षेत्राधिकारी लहरपुर आलोक प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जांच शुरू की। रविवार को दलपतपुर चौकी के पास पकरिया पुरवा तिराहे पर घेराबंदी कर पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया।

ऐसे चलता था गिरोह का नेटवर्क

Fraud Gang arrested in UP
Fraud Gang arrested in UP

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह मध्य प्रदेश का रहने वाला है और अलग-अलग जिलों में डेरा डालकर वारदातों को अंजाम देता था। इसके सदस्य पहले बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करते थे, फिर बड़ी रकम निकालने वालों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद रकम का एक हिस्सा आपस में बांट लिया जाता था, जबकि बाकी पैसे मुख्य आरोपी जालिम के पास जमा किए जाते थे। पकड़े गए आरोपियों पर पहले से भी कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।

महिलाओं की भूमिका ने किया चौंकाया

इस गिरोह में पांच महिलाएं भी शामिल थीं, जो केवल सदस्य ही नहीं बल्कि पूरी योजना का अहम हिस्सा थीं। ये महिलाएं बैंक और बाजारों में आम ग्राहक बनकर घूमती थीं और आसानी से पहचान लेती थीं कि किस व्यक्ति के पास ज्यादा नकदी है। परिवार और बच्चों के साथ रहने के कारण उन पर जल्दी शक नहीं होता था, जिससे गिरोह को वारदात को अंजाम देने में मदद मिलती थी।

पुलिस टीम की बड़ी कामयाबी

गिरफ्तार आरोपियों में जालिम, शिकारी, लोटन, शिवकपूर, सितकुमार, नसीब, महक सिंह, शालू सिंह, दानवीर, दानिराम सहित साईबा, सुनीता, मौसमी, शादिका और चोमनी शामिल हैं।

इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच निरीक्षक सतेन्द्र विक्रम सिंह, प्रभारी निरीक्षक बृजेश रॉय, उपनिरीक्षक अमित कुमार दुबे, शीतला प्रसाद और कांस्टेबल मनीष राणा, दुष्यंत सिंह, अंकित कुमार सहित पूरी टीम का अहम योगदान रहा। पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने एक संगठित अपराध गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।